मधेपुरा के सिंहेश्वर प्रखंड क्षेत्र स्थित दुलार पिपराही पंचायत भवन परिसर में रविवार को ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में गांव और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते नशे के कारोबार तथा इसकी गिरफ्त में आ रही युवा पीढ़ी को लेकर चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों में क्षेत्र में स्मैक का सेवन करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा सूखा नशा, नशे के लिए इंजेक्शन और देसी शराब के सेवन का चलन भी युवाओं में बढ़ रहा है। इससे कई परिवारों के सामने सामाजिक और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। नशे के कारण पढ़ाई-रोजगार से दूर हो रहे युवा बैठक की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी अनुज यादव ने कहा कि नशे का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक है। स्मैक, सूखा नशा, इंजेक्शन और शराब की लत से युवा पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो रहा है। नशे के कारण कई युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं और पढ़ाई व रोजगार से भी दूर हो रहे हैं। कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि केवल नशा करने वालों पर कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नशे की बिक्री और कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। युवाओं को खेल से जोड़ने पर जोर ग्रामीणों ने गांव में लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ युवाओं को शिक्षा, खेलकूद और रोजगार से जोड़ने की जरूरत बताई। बैठक में नशे का कारोबार करने वालों को धंधा छोड़ने की चेतावनी भी दी गई। ग्रामीणों ने कहा कि कारोबार जारी रखने पर सामुदायिक स्तर पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में शिक्षक विनय पोद्दार, ललटू कुमार मंडल, बमबम मंडल, वार्ड सदस्य सुधीर कुमार मंडल, शंकर पोद्दार, जयराम यादव, जगदीश पंडित, समिति प्रतिनिधि सिकंदर ऋषिदेव, पूर्व मुखिया श्यामदेव ऋषिदेव, श्याम किशोर यादव, चंदन मंडल, शिवनारायण ठाकुर, पवन कुमार, विद्यानंद मंडल और सुबोध कुमार समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। मधेपुरा के सिंहेश्वर प्रखंड क्षेत्र स्थित दुलार पिपराही पंचायत भवन परिसर में रविवार को ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में गांव और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते नशे के कारोबार तथा इसकी गिरफ्त में आ रही युवा पीढ़ी को लेकर चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों में क्षेत्र में स्मैक का सेवन करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा सूखा नशा, नशे के लिए इंजेक्शन और देसी शराब के सेवन का चलन भी युवाओं में बढ़ रहा है। इससे कई परिवारों के सामने सामाजिक और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। नशे के कारण पढ़ाई-रोजगार से दूर हो रहे युवा बैठक की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी अनुज यादव ने कहा कि नशे का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक है। स्मैक, सूखा नशा, इंजेक्शन और शराब की लत से युवा पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो रहा है। नशे के कारण कई युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं और पढ़ाई व रोजगार से भी दूर हो रहे हैं। कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि केवल नशा करने वालों पर कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नशे की बिक्री और कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। युवाओं को खेल से जोड़ने पर जोर ग्रामीणों ने गांव में लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ युवाओं को शिक्षा, खेलकूद और रोजगार से जोड़ने की जरूरत बताई। बैठक में नशे का कारोबार करने वालों को धंधा छोड़ने की चेतावनी भी दी गई। ग्रामीणों ने कहा कि कारोबार जारी रखने पर सामुदायिक स्तर पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में शिक्षक विनय पोद्दार, ललटू कुमार मंडल, बमबम मंडल, वार्ड सदस्य सुधीर कुमार मंडल, शंकर पोद्दार, जयराम यादव, जगदीश पंडित, समिति प्रतिनिधि सिकंदर ऋषिदेव, पूर्व मुखिया श्यामदेव ऋषिदेव, श्याम किशोर यादव, चंदन मंडल, शिवनारायण ठाकुर, पवन कुमार, विद्यानंद मंडल और सुबोध कुमार समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

