बिहार में बाढ़ के बिगड़ते हालात को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, बिहार का करीब 76% भूभाग बाढ़ की चपेट में है और राज्य के 19 जिले इस समय भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 20 लाख से अधिक लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल 5 हजार करोड़ रुपए की विशेष वित्तीय सहायता देने की मांग की है। 19 जिलों में भीषण बाढ़, लाखों लोग प्रभावित तेजस्वी यादव ने कहा, बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में लोगों के सामने भोजन और सुरक्षित स्थान की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि पशुपालकों के मवेशी बाढ़ के पानी में डूबकर बह गए हैं। वहीं, सड़कों समेत सार्वजनिक ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। तेजस्वी ने कहा कि बाढ़ के कारण हजारों करोड़ रुपए की जान-माल की क्षति हुई है। बिहार सरकार पर राहत में उदासीनता का आरोप नेता प्रतिपक्ष ने बिहार सरकार पर बाढ़ पीड़ितों की सहायता में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ जैसी गंभीर आपदा से निपटने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। प्रभावित लोगों तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है। उन्होंने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप कर राहत और बचाव अभियान को तेज करने की मांग की। केंद्र से 5 हजार करोड़ की विशेष सहायता मांगी तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार को तत्काल 5 हजार करोड़ रुपए की विशेष वित्तीय सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस राशि से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के साथ क्षतिग्रस्त सार्वजनिक ढांचे की मरम्मत और पुनर्वास का काम किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक भोजन, दवा और अन्य जरूरी सामान हवाई माध्यम से पहुंचाया जाए। पीएम मोदी से बिहार आने की अपील तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बिहार का तत्काल दौरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लें और केंद्र की ओर से बिहार को तत्काल राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि केंद्र की ठोस मदद की जरूरत है। बिहार में बाढ़ के बिगड़ते हालात को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, बिहार का करीब 76% भूभाग बाढ़ की चपेट में है और राज्य के 19 जिले इस समय भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 20 लाख से अधिक लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल 5 हजार करोड़ रुपए की विशेष वित्तीय सहायता देने की मांग की है। 19 जिलों में भीषण बाढ़, लाखों लोग प्रभावित तेजस्वी यादव ने कहा, बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में लोगों के सामने भोजन और सुरक्षित स्थान की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि पशुपालकों के मवेशी बाढ़ के पानी में डूबकर बह गए हैं। वहीं, सड़कों समेत सार्वजनिक ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। तेजस्वी ने कहा कि बाढ़ के कारण हजारों करोड़ रुपए की जान-माल की क्षति हुई है। बिहार सरकार पर राहत में उदासीनता का आरोप नेता प्रतिपक्ष ने बिहार सरकार पर बाढ़ पीड़ितों की सहायता में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ जैसी गंभीर आपदा से निपटने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। प्रभावित लोगों तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है। उन्होंने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप कर राहत और बचाव अभियान को तेज करने की मांग की। केंद्र से 5 हजार करोड़ की विशेष सहायता मांगी तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार को तत्काल 5 हजार करोड़ रुपए की विशेष वित्तीय सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस राशि से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के साथ क्षतिग्रस्त सार्वजनिक ढांचे की मरम्मत और पुनर्वास का काम किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक भोजन, दवा और अन्य जरूरी सामान हवाई माध्यम से पहुंचाया जाए। पीएम मोदी से बिहार आने की अपील तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बिहार का तत्काल दौरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लें और केंद्र की ओर से बिहार को तत्काल राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि केंद्र की ठोस मदद की जरूरत है।

