8वीं के छात्र ने AI से बनाया ‘सक्सेस सीड’ ऐप:उन्नाव में पढ़ाई से लेकर स्वास्थ्य और दिनचर्या तक का रखेगा रिकॉर्ड

8वीं के छात्र ने AI से बनाया ‘सक्सेस सीड’ ऐप:उन्नाव में पढ़ाई से लेकर स्वास्थ्य और दिनचर्या तक का रखेगा रिकॉर्ड

उन्नाव में बीघापुर के 13-14 वर्षीय छात्र अक्षित पटेल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से विद्यार्थियों के लिए ‘सक्सेस सीड’ नाम से एक ऐप तैयार किया है। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले अक्षित ने मोबाइल पर गेम खेलने के बजाय उसी मोबाइल को अपनी प्रयोगशाला बनाया और ऐसा ऐप विकसित करने का प्रयास किया, जो विद्यार्थियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, दिनचर्या और आदतों को व्यवस्थित करने में मदद कर सके। अक्षित के मुताबिक, ऐप बनाने का विचार उसे अपने पिता अनूप पटेल से मिला। उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के लिए घर में ‘पॉइंट अर्निंग’ पैटर्न शुरू किया था। इसमें बच्चे पढ़ाई, अनुशासन और दूसरी उपलब्धियों के आधार पर अंक अर्जित करते थे। इन अंकों के आधार पर उन्हें नकद पुरस्कार दिया जाता था, जिसका इस्तेमाल वे अपनी पसंद की चीज खरीदने में कर सकते थे। अक्षित की मां ज्योति बताती हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अक्सर मोबाइल गेम खेलता था। पिता ने उसे समझाया कि केवल गेम खेलने के बजाय ऐसा गेम या ऐप क्यों न बनाया जाए, जिसे दूसरे बच्चे भी इस्तेमाल कर सकें। यह बात अक्षित के मन में बैठ गई। इसके बाद उसने मोबाइल और AI की मदद से ऐप डेवलपमेंट को समझना शुरू किया और धीरे-धीरे अपने आइडिया को आकार दिया।
पढ़ाई का रिकॉर्ड और टाइम टेबल भी होगा सुरक्षित ‘सक्सेस सीड’ में विद्यार्थी अपना पढ़ाई का रिकॉर्ड, परीक्षा में प्राप्त अंक, पढ़ाई का इतिहास और टाइम टेबल सुरक्षित रख सकते हैं। हेल्थ कार्ड के जरिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी व्यवस्थित रखने की सुविधा दी गई है। ऐप के ‘एडिट हैबिट्स’ फीचर से विद्यार्थी अपनी दिनचर्या और आदतों पर नजर रख सकते हैं। अलर्ट और रिमाइंडर जरूरी गतिविधियों और पढ़ाई के समय की याद दिलाते हैं। वहीं, ग्रोथ चार्ट के जरिए विद्यार्थी अपनी प्रगति को देख सकते हैं।
ऐप में ‘हाऊ टू यूज’ फीचर भी दिया गया है। इसके जरिए नए उपयोगकर्ता ऐप के अलग-अलग विकल्पों का इस्तेमाल करना सीख सकते हैं। इस तरह अक्षित ने ऐप को केवल रिकॉर्ड रखने का माध्यम बनाने के बजाय विद्यार्थियों की दिनचर्या व्यवस्थित करने वाले डिजिटल साथी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया है। ‘मार्क ट्रैकर’ से फिटनेस का हिसाब ऐप का ‘मार्क ट्रैकर’ फीचर भी खास है। इसके जरिए विद्यार्थी दिनभर की शारीरिक गतिविधियों का रिकॉर्ड रख सकते हैं। इसमें दिनभर में चले गए कदम और की गई शारीरिक गतिविधियों को देखने की सुविधा है। इस फीचर के जरिए पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों की फिटनेस पर भी ध्यान दिया गया है।
अभी प्रयोग के दौर में है ऐप अक्षित के मुताबिक, ‘सक्सेस सीड’ अभी विकास के शुरुआती चरण में है। कुछ लोगों के बीच इसका परीक्षण किया जा रहा है। उपयोगकर्ताओं से मिलने वाले सुझावों के आधार पर नए फीचर जोड़े जाएंगे और जरूरत के अनुसार कुछ फीचर हटाए भी जा सकते हैं। विकास पूरा होने के बाद इसे गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड करने की योजना है, ताकि दूसरे विद्यार्थी भी इसे डाउनलोड कर सकें। स्कूल ने बढ़ाया हौसला अक्षित के इस नवाचार को एमएम पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने भी प्रोत्साहित किया। शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी के दौरान अक्षित को उपहार देकर सम्मानित किया गया। स्कूल प्रबंधक गौरव अवस्थी ने कहा कि अक्षित ने अपने अभिनव प्रयोग से दूसरे विद्यार्थियों के सामने उदाहरण पेश किया है। प्रधानाचार्य शिवानी सिंह और संयुक्त प्रबंधक शिखर अवस्थी ने भी उसके प्रयास की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया। अक्षित की कहानी केवल एक ऐप बनाने तक सीमित नहीं है। यह बताती है कि सही दिशा और प्रोत्साहन मिलने पर कम उम्र में भी बच्चे तकनीक का इस्तेमाल कुछ नया सीखने और बनाने के लिए कर सकते हैं। जिस मोबाइल पर वह पहले गेम खेलता था, उसी मोबाइल और AI की मदद से अब वह ऐसा डिजिटल साथी तैयार करने में जुटा है, जिसे दूसरे विद्यार्थी भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

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