जमुई में 28 अगस्त को 7 साल की बच्ची की हुई हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों मोहम्मद यहूद आलम के बेटे मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद मंजूर अंसारी के बेटे तनवीर को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के बाद मुख्य आरोपी सरफराज ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बाल और मूंछ मुंडवा ली थी। उसने हाथ पर मौजूद नाखून के निशान छिपाने के लिए सिगरेट से हाथ जलाने की भी कोशिश की थी। प्रभारी एसडीपीओ सह साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त की शाम सहाना नाम की बच्ची दुकान पर सामान लेने निकली थी। इसी दौरान नीमा मोहल्ले में नशे की हालत में मौजूद दोनों युवकों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने बच्ची का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने दोनों को अलग-अलग जगह से किया गिरफ्तार घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। इसके बाद दोनों को अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया। एक आरोपी को महीसौड़ी चौक से और दूसरे को गौशाला के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। पुलिस अब हत्या की वजह और वारदात से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद मुख्य आरोपी सरफराज सुबह कोलकाता चला गया था। बताया जा रहा है कि वहां जाने से पहले उसने अपना हुलिया बदलने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच से उसकी गतिविधियों का पता चल गया और उसे वापस जमुई में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। जमुई में 28 अगस्त को 7 साल की बच्ची की हुई हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों मोहम्मद यहूद आलम के बेटे मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद मंजूर अंसारी के बेटे तनवीर को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के बाद मुख्य आरोपी सरफराज ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बाल और मूंछ मुंडवा ली थी। उसने हाथ पर मौजूद नाखून के निशान छिपाने के लिए सिगरेट से हाथ जलाने की भी कोशिश की थी। प्रभारी एसडीपीओ सह साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त की शाम सहाना नाम की बच्ची दुकान पर सामान लेने निकली थी। इसी दौरान नीमा मोहल्ले में नशे की हालत में मौजूद दोनों युवकों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने बच्ची का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने दोनों को अलग-अलग जगह से किया गिरफ्तार घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। इसके बाद दोनों को अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया। एक आरोपी को महीसौड़ी चौक से और दूसरे को गौशाला के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। पुलिस अब हत्या की वजह और वारदात से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद मुख्य आरोपी सरफराज सुबह कोलकाता चला गया था। बताया जा रहा है कि वहां जाने से पहले उसने अपना हुलिया बदलने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच से उसकी गतिविधियों का पता चल गया और उसे वापस जमुई में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

