हरियाणा के पानीपत में बंदरों के झुड़ ने एक युवती पर हमला कर दिया। छत पर बने वॉशरूम से निकलते ही एक बंदर उसके सिर पर कूद गया। जान बचाने के लिए जैसे ही वह कमरे की तरह दौड़ी बंदर ने गेट तक उसका पीछा किया। इसके बाद कई बंदर काफी देर तक गेट के पास ही बैठे रहे। युवती की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने बंदरों को डंडा दिखाकर खदेड़ा। इसके साथ ही बाबरपुर मंडी एरिया की गैंस एजेंसी पर सिलेंडर भरवाने आए कई युवकों को भी बंदरों ने हमला कर घायल कर दिया। जिसमें उसका एक दांत भी टूट गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें बंदर युवती के पीछे भागते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों और गैस एजेंसी संचालक ने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर लिखकर बंदर पकड़ने की गुहार लगाई है। वहीं, नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज यादव का कहना है कि बंदर पकड़कर छोड़ने की जगह नहीं मिल पर रही है। इस प्रॉब्लम के कारण हिमाचल की ठेका कंपनी ने भी काम छोड़ दिया। अब अल्टरनेट ऑप्शन तलाशेंगे। केस-1 पानीपत के बाबरपुर मंडी एरिया में बंदरों के झुंड़ ने शुक्रवार को गुरु गैस एजेंसी संचालक गुरदास मौर्य की बेटी पर हमला कर दिया। वह अपने घर की छत पर बने वॉशरूम में गई थी। जैसे ही वॉशरूम से बाहर निकली एक बंदर ने सिर पर छलांग मार दी। इसके अलावा 4-5 और बंदर भी छत पर आ गए। युवती ने डर के मारे अंदर से गेट बंद कर दिया। एजेंसी संचालक गुरदास ने बताया कि हमले में बेटी को गहरे जख्म हो गए। गिरकर एक दांत भी टूट गया। उन्होंने बंदरों को पड़ने के लिए DC को लेटर भी लिखा है। केस-2 बाबरपुर मंडी एरिया में रहने वाले रमन ने बताया कि शनिवार को भी बंदरों ने कई महिलाओं और युवतियों को काटा है। आज मेरे छोटे भाई पर भी बंदरों ने हमला किया। उसने घर में भागकर अपनी जान बचाई। कपड़े सुखाने गई महिलाओं पर भी बंदर हमला करते हैं। कई कपड़े उठाकर भाग जाते हैं। केस-3 धर्मवीर बाइक एजेंसी के संचालक धर्मवीर शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे मंदिर के पास बंदरों ने एक लड़के को काट लिया। जब मैं बंदरों के पीछे लठ लेकर भागा, तब बंदर छतों पर चढ़कर दूसरी गली से भाग गए। इसी तरह पहले भी कई बंदर हमला कर चुके हैं। एक ही दिन में कई बच्चों को काटा बाबरपुर मंडी एरिया में बंदरों ने अप्रैल माह में एक ही दिन में बुजुर्ग महिला समेत कई बच्चों को काटा था। आटा मिल मालिक सुनील चुघ के बेटे अंश पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। इसी तरह फरवरी में प्रीति नाम की महिला पर बंदरों के हमले का वीडियो सामने आया था। इस एक ही दिन में बच्चों और महिलाओं पर बंदरों के हमले के कई केस आए थे। सड़कों और छतों पर बंदरों का कब्जा गुरु एचपी गैस एजेंसी के संचालक गुरदास मौर्य ने अधिकारियों को शिकायत दी है। उन्होंने लेटर में बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से आक्रामक बंदरों के झुंड ने गलियों, घरों की छतों और रिहायशी इलाकों में डेरा जमा रखा है। बंदर घरों से बाहर निकलते ही लोगों पर हमला कर देते हैं। उनकी बेटी समेत आसपास के कई बच्चे, बुजुर्ग और गैस सिलेंडर लेने आए कस्टमर्स भी बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। बंदरों के डर से बच्चों का घर से बाहर खेलना और बुजुर्गों का टहलना तक बंद हो गया है।

