लुधियाना के कस्बा जगराओं में गुरुद्वारा नानकसर पुल के नजदीक फिरोजपुर में तैनात वेरका मिल्क प्लांट के जीएम सुरजीत सिंह से हुई लूट के मामले में खुलासा हुआ है । पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रीतपाल सिंह निवासी गांव कोटमान और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गांव शेरेवाल के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने दो दिन का रिमांड हासिल किया है। लूट के पीछे छिपी थी पुरानी रंजिश
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला महज लूटपाट का नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश में कराई गई वारदात का सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रीतपाल सिंह दूध का कारोबार करता है और उसकी गाड़ियां वेरका मिल्क प्लांट में दूध सप्लाई करती थीं। प्लांट में किसी कमी के चलते जीएम सुरजीत सिंह ने उसकी गाड़ी को काम से हटा दिया था। इसी बात को लेकर प्रीतपाल सिंह कथित तौर पर जीएम से रंजिश रखने लगा। रेकी के बाद चार युवकों को किया हायर
आरोप है कि इसी रंजिश के चलते प्रीतपाल सिंह ने पहले जीएम की रेकी की और फिर चार अन्य युवकों को हायर कर उनके साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। गुरुद्वारा नानकसर पुल के नजदीक आरोपियों ने जीएम को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर जबरन दो लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए। पांच आरोपी वारदात में शामिल, तीन अभी फरार
पुलिस जांच के अनुसार वारदात के समय कुल पांच लोग मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने फिलहाल प्रीतपाल सिंह और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दिलीप्रीत सिंह समेत तीन आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। रिमांड में खुलेगा साजिश का पूरा राज
पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में वारदात में शामिल अन्य आरोपियों, रेकी से लेकर पैसे ट्रांसफर करवाने तक की पूरी साजिश और रकम के आगे के इस्तेमाल से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस का कोई अधिकारी मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। माना जा रहा है कि पुलिस आज रविवार या सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।

