Russia-Ukraine conflict: लंबे अरसे से चले आ रहे रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच शांति बहाली की एक नई किरण दिखाई दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के मॉस्को पहुंचने से कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रूसी मीडिया रिपोर्टों में भी इन दोनों उच्च पदस्थ अमेरिकी प्रतिनिधियों के मॉस्को आगमन की जानकारी दी गई है।
दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों की यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की संभावनाओं को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज होने की बात सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि उनके दूत विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। उनका उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की संभावनाएं तलाशना है। उन्होंने सीबीएस न्यूज के साथ बातचीत में बताया कि वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने इसे पूरा करने का वादा किया है।
ईरान पर हमले के बाद शांति प्रयासों में आई थी रुकावट
इस वर्ष फरवरी में अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद शांति प्रयासों में कुछ रुकावट आ गई थी। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव छह महीने से अधिक समय से चल रहा है। ऐसे में रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए नए कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रयास ऐसे समय सामने आए हैं, जब रूस और यूक्रेन एक-दूसरे पर लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन से लगातार हमले कर रहे हैं।
भारत ने भी जंग खत्म करने में मदद की पेशकश की थी
भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने में मदद की पेशकश की थी। इसको लेकर जयशंकर ने अपने यूक्रेन दौरे के दौरान बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने में मदद करने के लिए तैयार है।
विदेश मंत्री का यह बयान बीते गुरुवार को कीव की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में आया था। उन्होंने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो भारत मध्यस्थता करने के लिए तैयार है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जब यह बात कही थी, उस समय उनके साथ यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा भी मौजूद थे।


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