Nepal Flood: नेपाल में आए भयानक बाढ़ के बाद चल रहे बचाव कार्यों के बीच शनिवार को नुवाकोट जिलों से एक चमत्कारी घटना सामने आई है। जहां त्रिशूली नदी के उफान और भूस्खलन के कारण ढह गए एक चार मंजिला मकान के मलबे से कराहने की आवाज आने के बाद एक 56 वर्षीय महिला चंद्रिका श्रेष्ठ को जिंदा बाहर निकाला गया।
मलबे से आई कराहने की आवाज
हैरान करने वाली यह घटना नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका के बेत्रावती (वार्ड नंबर 10) में हुई। नेपाली समाचार पोर्टल राटोपाटी ने नुवाकोट के पुलिस अधीक्षक (SP) बिपिन रेग्मी के हवाले से बताया कि भूस्खलन के बाद मलबे में आधे दबे आनंद श्रेष्ठ के घर के अंदर से लोगों ने किसी इंसान के बोलने और कराहने की आवजें सुनी तो तुरंत इस बात की जानकारी पुलिस को दी गई।
बिपिन रेग्मी के अनुसार सूचना मिलते ही बचाव और राहत टीमें बिना किसी देरी के तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तेजी से मलबा हटाने का काम शुरू किया। मलबा हटाने के दौरान रेस्क्यू टीम ने घर की चौथी मंजिल के मलबे से आनंद श्रेष्ठ की पत्नी चंद्रिका श्रेष्ठ को सफलतापूर्वक जिंदा बाहर निकाला।
सेना के अस्पताल में भर्ती
आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के इंस्पेक्टर सुमन बीके और नेपाल पुलिस की टीम ने यह बचाव अभियान चलाया। मलबे से निकाले जाने पर चंद्रिका श्रेष्ठ बहुत कमजोर और बेहोशी की हालत में थीं, लेकिन जल्द ही वह धीमी आवाज में बोलने में सक्षम हो गईं। बचाव कर्मियों ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और उनकी स्थिति को स्थिर किया। इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके त्रिशूली में नेपाल सेना के माबेल बैरक्स ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए काठमांडू ले जाने की व्यवस्था की जा रही है।
मृतकों की संख्या पहुंची 1344
26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास स्थित नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और तनाहुन जिलों में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने घरों, सड़कों और पुलों को बहा दिया। इस आपदा से कम से कम 65,000 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 22,100 बच्चे शामिल हैं। हजारों लोग लापता हो गए और उन्हें खोजने के लिए बचाव कार्य अभी भी जारी हैं। नेपाल पुलिस द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है।

