जहानाबाद में जगदेव प्रसाद का शहादत दिवस मनाया गया। इस मौके पर सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और जगदेव प्रसाद के विचारों, संघर्षों को याद किया। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद निराला कुमार ने कहा कि जगदेव प्रसाद गरीबों, शोषितों और वंचितों के मसीहा थे। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के अधिकार और सम्मान के लिए जीवनभर संघर्ष किया। गरीबों और पिछड़ों की आवाज को मजबूती से उठाकर उन्होंने सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा दी। लोगों को जागरूक किया उन्होंने बताया कि जगदेव प्रसाद ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। गरीबों के हक की लड़ाई लड़ते हुए उन्होंने अपनी कुर्बानी तक दे दी। निराला कुमार ने आगे कहा कि जगदेव प्रसाद का संघर्ष सिर्फ एक व्यक्ति या समाज तक सीमित नहीं था। उनका मकसद समाज के सभी दबे-कुचले लोगों को सम्मान और अधिकार दिलाना था। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक बराबरी और राजनीतिक भागीदारी के लिए लोगों को जागरूक किया। आज समाज के पिछड़े और गरीब वर्गों में जो राजनीतिक चेतना दिख रही है, उसमें जगदेव प्रसाद के संघर्ष और विचारों की अहम भूमिका है। ”जगदेव प्रसाद का जीवन संघर्ष और त्याग की मिसाल” उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद ने जिस सामाजिक बदलाव का सपना देखा था, उसे पूरा करने के लिए नई पीढ़ी को उनके विचारों को अपनाना होगा। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में समानता और न्याय लाया जा सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि जगदेव प्रसाद का जीवन संघर्ष और त्याग की मिसाल है। उनका शहादत दिवस लोगों को गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उपस्थित लोगों ने उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। साथ ही समाज में भाईचारा, समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करने पर जोर दिया गया। जहानाबाद में जगदेव प्रसाद का शहादत दिवस मनाया गया। इस मौके पर सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और जगदेव प्रसाद के विचारों, संघर्षों को याद किया। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद निराला कुमार ने कहा कि जगदेव प्रसाद गरीबों, शोषितों और वंचितों के मसीहा थे। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के अधिकार और सम्मान के लिए जीवनभर संघर्ष किया। गरीबों और पिछड़ों की आवाज को मजबूती से उठाकर उन्होंने सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा दी। लोगों को जागरूक किया उन्होंने बताया कि जगदेव प्रसाद ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। गरीबों के हक की लड़ाई लड़ते हुए उन्होंने अपनी कुर्बानी तक दे दी। निराला कुमार ने आगे कहा कि जगदेव प्रसाद का संघर्ष सिर्फ एक व्यक्ति या समाज तक सीमित नहीं था। उनका मकसद समाज के सभी दबे-कुचले लोगों को सम्मान और अधिकार दिलाना था। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक बराबरी और राजनीतिक भागीदारी के लिए लोगों को जागरूक किया। आज समाज के पिछड़े और गरीब वर्गों में जो राजनीतिक चेतना दिख रही है, उसमें जगदेव प्रसाद के संघर्ष और विचारों की अहम भूमिका है। ”जगदेव प्रसाद का जीवन संघर्ष और त्याग की मिसाल” उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद ने जिस सामाजिक बदलाव का सपना देखा था, उसे पूरा करने के लिए नई पीढ़ी को उनके विचारों को अपनाना होगा। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में समानता और न्याय लाया जा सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि जगदेव प्रसाद का जीवन संघर्ष और त्याग की मिसाल है। उनका शहादत दिवस लोगों को गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उपस्थित लोगों ने उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। साथ ही समाज में भाईचारा, समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

