Newborn Birthmark: बच्चे की त्वचा पर जन्म के समय या जन्म के कुछ समय बाद अलग रंग का निशान यानी बर्थमार्क दिखाई दे सकता है। ये निशान लाल, गुलाबी, बैंगनी, नीले, भूरे या काले रंग के भी हो सकते हैं। ज्यादातर बर्थमार्क हानिरहित होते हैं और बिना किसी इलाज के समय के साथ हल्के या गायब हो सकते हैं। हालांकि, कुछ बर्थमार्क ऐसे भी होते हैं जिनकी डॉक्टर से जांच कराने की जरूरी हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कब और किस तरह के बर्थमार्क के लिए डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
बर्थमार्क क्या होता है?
बर्थमार्क त्वचा का ऐसा हिस्सा होता है जो आसपास की त्वचा से अलग रंग, आकार या बनावट का दिखाई देता है। कुछ बर्थमार्क जन्म के समय मौजूद होते हैं, जबकि कुछ जन्म के कुछ सप्ताह बाद दिखाई दे सकते हैं।
लाल या गुलाबी बर्थमार्क
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, सल्मन पैच लाल या गुलाबी रंग के सपाट निशान होते हैं। ये अक्सर बच्चे की पलकों, सिर, माथे या गर्दन पर दिखाई देते हैं। ये बहुत सामान्य होते हैं और बच्चे के रोने पर ज्यादा स्पष्ट नजर आ सकते हैं।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, इन्हें स्टॉर्क बाइट, एंजेल किस और नेवस सिम्पलेक्स भी कहा जाता है। ये त्वचा के पास मौजूद छोटी रक्त वाहिकाओं के समूह के कारण दिखाई देते हैं और आमतौर पर इलाज की जरूरत नहीं होती।
लाल रंग का उभरा हुआ निशान
बच्चे की त्वचा पर लाल रंग का उभरा हुआ निशान हेमांजियोमा या स्ट्रॉबेरी मार्क हो सकता है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, यह रक्त वाहिकाओं से बना उभरा हुआ निशान होता है। यह जन्म के तुरंत बाद दिखाई दे सकता है और आमतौर पर शुरुआती 6 से 12 महीनों में तेजी से बढ़ सकता है। इसके बाद इसका आकार कम होने लगता है और यह करीब 7 साल की उम्र तक काफी हद तक गायब हो सकता है। कभी कभी हेमांजियोमा त्वचा की सतह के नीचे होता है। ऐसी स्थिति में त्वचा पर निशान लाल की बजाय नीला या बैंगनी दिखाई दे सकता है। वहीं मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, हेमांजियोमा लाल, नीले या बैंगनी रंग का भी हो सकता है। यह अक्सर सिर या गर्दन पर दिखाई देता है।
पोर्ट वाइन स्टेन
पोर्ट वाइन स्टेन लाल, बैंगनी या गहरे रंग का सपाट बर्थमार्क होता है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, यह जन्म के समय मौजूद होता है और अक्सर चेहरे या गर्दन पर दिखाई देता है। यह शरीर के एक तरफ ज्यादा दिखाई दे सकता है, हालांकि दोनों तरफ भी हो सकता है।
ब्लू ग्रे बर्थमार्क
बच्चे की त्वचा पर सपाट नीला, नीला भूरा या स्लेट ग्रे निशान दिखाई दे सकता है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, ये निशान चोट के कारण पड़े नीले निशान जैसे दिख सकते हैं। ये अक्सर कमर के निचले हिस्से, कूल्हों, हाथों या पैरों पर पाए जाते हैं और जन्म के समय मौजूद होते हैं। ये भूरे या काले रंग की त्वचा वाले बच्चों में अधिक सामान्य होते हैं। आमतौर पर इन निशानों को किसी इलाज की जरूरत नहीं होती। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) इसे स्लेट ग्रे नेवस या कॉन्जेनिटल डर्मल मेलानोसाइटोसिस भी कहता है।
भूरे और काले बर्थमार्क
बर्थमार्क केवल लाल या नीले रंग के ही नहीं होते। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, बच्चे की त्वचा पर कैफे ऑ ले स्पॉट यानी हल्के या गहरे भूरे रंग के सपाट निशान भी हो सकते हैं। कई बच्चों में एक या दो ऐसे निशान सामान्य रूप से पाए जा सकते हैं। लेकिन अगर बच्चे के शरीर पर 6 या उससे अधिक कैफे ऑ ले स्पॉट हों तो डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत हो सकती है, क्योंकि यह न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस टाइप 1 से जुड़ा हो सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
ज्यादातर बर्थमार्क सामान्य होते हैं, लेकिन ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए अगर:
- बर्थमार्क तेजी से बड़ा हो रहा हो।
- उसका रंग गहरा हो रहा हो।
- वह उभरने या गांठदार होने लगे।
- उसमें दर्द या परेशानी हो।
- बर्थमार्क आंख, नाक या मुंह के पास हो।
- बच्चे के शरीर पर 6 या उससे अधिक कैफे ऑ ले स्पॉट हों।
- बच्चे के शरीर पर बड़ा जन्मजात तिल हो।
ऐसी स्थिति में बच्चे को डॉक्टर को दिखाना चाहिए, ताकि बर्थमार्क की सही जांच की जा सके।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

