श्रावस्ती में सीमा सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। एसएसबी जवानों ने शनिवार सुबह 10:00 बजे बताया कि जन्माष्टमी कार्यक्रम में अधिकारी सभी जवान और उनके परिवार के लोग शामिल हुए, कार्यक्रम में मटकी फोड़ आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा। जन्माष्टमी के लिए वाहिनी परिसर के मंदिर को सुंदर ढंग से सजाया गया था। बीती देर शाम से ही मंदिर में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात जवानों ने अपने परिवार के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और भक्ति गीत गाए। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर विधि-विधान से पूजा और आरती की गई। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाया गया। बच्चों ने बड़े उत्साह से मटकी फोड़ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मटकी फूटते ही परिसर में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज उठे और चारों तरफ खुशी का माहौल बन गया। इस मौके पर कार्यवाहक कमांडेंट ललेंद्र रत्नाकर ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, सच्चाई, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा के रास्ते पर चलने की सीख देता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी परंपराओं को जिंदा रखने के साथ आपसी भाईचारा और एकता भी बढ़ाते हैं। कार्यक्रम में उप कमांडेंट पीयूष सिन्हा, गोबर्धन पुजारी, सहायक कमांडेंट राहुल भरत माली, गौतम आजाद समेत वाहिनी के अधिकारी, जवान और उनके परिवार मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती और प्रसाद बांटने के साथ हुआ। जन्माष्टमी के दौरान पूरे वाहिनी परिसर में भक्ति और खुशी का माहौल रहा।

