‘हैदराबाद पुलिस कहती है कि 3 महीने से मेरे पति नर्स की रेकी कर रहे थे, पर वे इन 3 महीनों में हैदराबाद में नहीं थे। दिसंबर 2025 में वो बीमार हो गए थे। इसके बाद गांव आ गए थे और समस्तीपुर के खानपुर में ऑपरेशन हुआ। 7 जुलाई को हैदराबाद गए थे। मैं 9 महीने की गर्भवती हूं। हैदराबाद में मेरे पति सनाउल्लाह को नर्स से रेप-हत्या मामले में फंसाया गया है। उनको जेल भेज दिया गया है। मैं क्या करूं, मैं प्रेग्नेंट हूं। उतनी दूर अभी नहीं जा सकती हूं। इसी महीने में डिलीवरी होनी है। इसके बाद मैं हैदराबाद जाऊंगी। पति के लिए जो करना होगा, वो मैं करूंगी।’ ये बातें नसीमा खातून ने कही हैं। जिनके पति सनाउल्लाह (34) को हैदराबाद में पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था, हालांकि अभी कोर्ट में ट्रायल भी शुरू नहीं हुआ है। सनाउल्लाह रेप-मर्डर केस में कब और कैसे जुड़ा, पत्नी ने क्या दावा किया, परिवार को कैसे पता चला कि सनाउल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया, पढ़ें रिपोर्ट… जानिए पत्नी-बहन और परिवार के लोगों ने क्या कहा…. गैराज के मालिक ने फोन कर परिजन को गिरफ्तारी की जानकारी दी सनाउल्लाह की पत्नी ने बताया कि 2022 में हमारी शादी हुई। 2 साल का बेटा सुल्तान है। दूसरा बच्चा पेट में है। पति हैदराबाद में एक गैराज में काम करते हैं। पहले वे गांव में ही ड्राइवरी करते थे, लेकिन पिछले 3 साल से हैदराबाद में काम कर रहे हैं। इस बीच मैं दोबारा गर्भवती हुई। मुझे बहुत समझा-बुझाकर वे हैदराबाद गए थे। कहा था कि जा रहा हूं, खूब कमाऊंगा, अपने बच्चों का अच्छे से पालन-पोषण करूंगा। हमारी रोज बात होती थी। 28 अगस्त को भी रात 12:00 बजे तक हमारी लंबी बातें हुई, उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 29 अगस्त को जिसके यहां वे काम करते थे, उसी सेठ ने फोन करके बताया कि तुम्हारे पति को एक नर्स के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पुलिस पकड़ कर ले गई है। कभी किसी के साथ कोई विवाद नहीं हुआ- बहन बहन इशरत खातून ने बताया कि 4 भाइयों में सनाउल्लाह तीसरे नंबर पर है। 34 साल का हो गया, लेकिन आज तक हमने उसकी कभी कोई शिकायत नहीं सुनी। बचपन से हमने पाल-पोसकर बड़ा किया। उसकी शादी भी हमने कराई। बहुत मिलनसार लड़का, हमेशा हंसते-बोलते रहता था। 3 साल से वह हैदराबाद में काम करता था। 4-5 महीना वहां रहता था। फिर गांव आ जाता था और कुछ दिन हम सब के साथ रहता था। नवंबर में हैदराबाद गया और दिसंबर 2025 में तबीयत खराब होने पर गांव आ गया। यहां ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से घर पर ही रह रहा था। जिस सेठ के गैराज में काम करता था। वह बराबर फोन करके बुलाता था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण वह वहां जा नहीं रहा था। पुलिस ने हमें गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी- चाचा सनाउल्लाह के चाचा मोहम्मद शाहजहां ने बताया कि भतीजे के साथ बहुत गलत हुआ है। मेरे समझ से भतीजा निर्दोष है। गांव में उसका कभी किसी से कोई झगड़ा-झंझट तक नहीं हो रहा था। उसे जरूर फंसाया गया है। पुलिस ने भी सूचना नहीं दी। पुलिस ने अगर पकड़ा तो फोन करना चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए वार्ड प्रतिनिधि जफीर अंसारी ने बताया 3 सितंबर को खबर देखकर हमें जानकारी मिली। परिजनों से पूछा तो जानकारी मिली कि पकड़ा गया है। हैदराबाद के लोकल न्यूज में पिता का नाम हैदर बताया जा रहा है, जबकि सनाउल्लाह के पिता का नाम हैदर नहीं मरहुम कमरुद्दीन है। महिला के साथ जो घटना हुई उसकी हम निंदा करते हैं, ऐसा नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह खिड़की तोड़कर अंदर गया होगा तो उसका फिंगर प्रिंट होगा, उसकी जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह उस घटना में दोषी है तो उसे फांसी की सजा होनी चाहिए, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिलता है तो उसे छोड़ देना चाहिए। परदेश से 2 महीना के लिए भी गांव आता था तो यहां टोटो चलाता था, मजदूरी करता था। उसे फंसाया गया है। मामले की जांच होनी चाहिए। तेलंगाना की सरकार इसकी जांच कराए। कमरे में नर्स की लाश मिली थी श्मशाबाद (हैदराबाद) जोन के डीसीपी बी राजेश के अनुसार सनाउल्लाह पोर्नोग्राफी देखने का आदी था। वो मृतका के कमरे के ठीक पीछे स्थित एक बाइक गैराज में काम करता था। 28 की रात जब नर्स अपने कमरे में सो रही थी। तभी आरोपी खिड़की के रास्ते उसके कमरे में घुस आया। नर्स ने विरोध किया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। 29 अगस्त को नर्स जब हॉस्पिटल नहीं पहुंची तो अस्पताल से उसे फोन किया गया। फोन रिसीव नहीं किया तो नर्स की सहेली कमरे में देखने पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, फिर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे के अंदर नर्स मृत पाई गई थी। इस मामले में डीसीपी का कहना है कि सनाउल्लाह पिछले 3 महीने से नर्स की रेकी कर रहा था और अस्पताल से घर लौटने के बाद उस दिन घटना को अंजाम दिया। मोबाइल टावर डेटा और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। ‘हैदराबाद पुलिस कहती है कि 3 महीने से मेरे पति नर्स की रेकी कर रहे थे, पर वे इन 3 महीनों में हैदराबाद में नहीं थे। दिसंबर 2025 में वो बीमार हो गए थे। इसके बाद गांव आ गए थे और समस्तीपुर के खानपुर में ऑपरेशन हुआ। 7 जुलाई को हैदराबाद गए थे। मैं 9 महीने की गर्भवती हूं। हैदराबाद में मेरे पति सनाउल्लाह को नर्स से रेप-हत्या मामले में फंसाया गया है। उनको जेल भेज दिया गया है। मैं क्या करूं, मैं प्रेग्नेंट हूं। उतनी दूर अभी नहीं जा सकती हूं। इसी महीने में डिलीवरी होनी है। इसके बाद मैं हैदराबाद जाऊंगी। पति के लिए जो करना होगा, वो मैं करूंगी।’ ये बातें नसीमा खातून ने कही हैं। जिनके पति सनाउल्लाह (34) को हैदराबाद में पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था, हालांकि अभी कोर्ट में ट्रायल भी शुरू नहीं हुआ है। सनाउल्लाह रेप-मर्डर केस में कब और कैसे जुड़ा, पत्नी ने क्या दावा किया, परिवार को कैसे पता चला कि सनाउल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया, पढ़ें रिपोर्ट… जानिए पत्नी-बहन और परिवार के लोगों ने क्या कहा…. गैराज के मालिक ने फोन कर परिजन को गिरफ्तारी की जानकारी दी सनाउल्लाह की पत्नी ने बताया कि 2022 में हमारी शादी हुई। 2 साल का बेटा सुल्तान है। दूसरा बच्चा पेट में है। पति हैदराबाद में एक गैराज में काम करते हैं। पहले वे गांव में ही ड्राइवरी करते थे, लेकिन पिछले 3 साल से हैदराबाद में काम कर रहे हैं। इस बीच मैं दोबारा गर्भवती हुई। मुझे बहुत समझा-बुझाकर वे हैदराबाद गए थे। कहा था कि जा रहा हूं, खूब कमाऊंगा, अपने बच्चों का अच्छे से पालन-पोषण करूंगा। हमारी रोज बात होती थी। 28 अगस्त को भी रात 12:00 बजे तक हमारी लंबी बातें हुई, उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 29 अगस्त को जिसके यहां वे काम करते थे, उसी सेठ ने फोन करके बताया कि तुम्हारे पति को एक नर्स के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पुलिस पकड़ कर ले गई है। कभी किसी के साथ कोई विवाद नहीं हुआ- बहन बहन इशरत खातून ने बताया कि 4 भाइयों में सनाउल्लाह तीसरे नंबर पर है। 34 साल का हो गया, लेकिन आज तक हमने उसकी कभी कोई शिकायत नहीं सुनी। बचपन से हमने पाल-पोसकर बड़ा किया। उसकी शादी भी हमने कराई। बहुत मिलनसार लड़का, हमेशा हंसते-बोलते रहता था। 3 साल से वह हैदराबाद में काम करता था। 4-5 महीना वहां रहता था। फिर गांव आ जाता था और कुछ दिन हम सब के साथ रहता था। नवंबर में हैदराबाद गया और दिसंबर 2025 में तबीयत खराब होने पर गांव आ गया। यहां ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से घर पर ही रह रहा था। जिस सेठ के गैराज में काम करता था। वह बराबर फोन करके बुलाता था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण वह वहां जा नहीं रहा था। पुलिस ने हमें गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी- चाचा सनाउल्लाह के चाचा मोहम्मद शाहजहां ने बताया कि भतीजे के साथ बहुत गलत हुआ है। मेरे समझ से भतीजा निर्दोष है। गांव में उसका कभी किसी से कोई झगड़ा-झंझट तक नहीं हो रहा था। उसे जरूर फंसाया गया है। पुलिस ने भी सूचना नहीं दी। पुलिस ने अगर पकड़ा तो फोन करना चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए वार्ड प्रतिनिधि जफीर अंसारी ने बताया 3 सितंबर को खबर देखकर हमें जानकारी मिली। परिजनों से पूछा तो जानकारी मिली कि पकड़ा गया है। हैदराबाद के लोकल न्यूज में पिता का नाम हैदर बताया जा रहा है, जबकि सनाउल्लाह के पिता का नाम हैदर नहीं मरहुम कमरुद्दीन है। महिला के साथ जो घटना हुई उसकी हम निंदा करते हैं, ऐसा नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह खिड़की तोड़कर अंदर गया होगा तो उसका फिंगर प्रिंट होगा, उसकी जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह उस घटना में दोषी है तो उसे फांसी की सजा होनी चाहिए, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिलता है तो उसे छोड़ देना चाहिए। परदेश से 2 महीना के लिए भी गांव आता था तो यहां टोटो चलाता था, मजदूरी करता था। उसे फंसाया गया है। मामले की जांच होनी चाहिए। तेलंगाना की सरकार इसकी जांच कराए। कमरे में नर्स की लाश मिली थी श्मशाबाद (हैदराबाद) जोन के डीसीपी बी राजेश के अनुसार सनाउल्लाह पोर्नोग्राफी देखने का आदी था। वो मृतका के कमरे के ठीक पीछे स्थित एक बाइक गैराज में काम करता था। 28 की रात जब नर्स अपने कमरे में सो रही थी। तभी आरोपी खिड़की के रास्ते उसके कमरे में घुस आया। नर्स ने विरोध किया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। 29 अगस्त को नर्स जब हॉस्पिटल नहीं पहुंची तो अस्पताल से उसे फोन किया गया। फोन रिसीव नहीं किया तो नर्स की सहेली कमरे में देखने पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, फिर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे के अंदर नर्स मृत पाई गई थी। इस मामले में डीसीपी का कहना है कि सनाउल्लाह पिछले 3 महीने से नर्स की रेकी कर रहा था और अस्पताल से घर लौटने के बाद उस दिन घटना को अंजाम दिया। मोबाइल टावर डेटा और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।

