खगड़िया में चाकूबाजी में चाचा-भतीजे की मौत:दोस्तों के बीच हुआ था विवाद, पिता-बेटा समेत 3 हिरासत में

खगड़िया में चाकूबाजी में चाचा-भतीजे की मौत:दोस्तों के बीच हुआ था विवाद, पिता-बेटा समेत 3 हिरासत में

खगड़िया के भरतखंड थाना क्षेत्र के खजरैठा नयाटोला में गुरुवार रात चाकूबाजी की घटना में दो युवकों की मौत हो गई। मामूली विवाद के बाद हुई इस घटना में गौरव कुमार (23) और अंकुर कुमार (22) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सुमेश कुमार, उसके पिता पंकज चौधरी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार रात दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद सुमेश कुमार ने गौरव और अंकुर को काली मंदिर परिसर में बुलाया। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार पढ़िए पूरी घटना…. परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था वहां दोनों पर चाकू से कई वार किए गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तुरंत उन्हें परबत्ता अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय रेफर कर दिया था। बताया गया कि बेगूसराय ले जाते समय रास्ते में अंकुर कुमार ने दम तोड़ दिया। वहीं, गौरव कुमार की मौत बेगूसराय में इलाज के दौरान हुई। दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम छा गया। मृतक अंकुर कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी शादी करीब सात साल पहले परबत्ता प्रखंड के कबेला गांव में हुई थी। प्राइवेट कंपनी में काम करता था मृतक उसके एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी झुना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, अंकुर बहुत गरीब परिवार से था और बेंगलुरु में मजदूरी करता था। ग्रामीणों का कहना है कि अंकुर पर ही परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी। उसकी मौत के बाद अब पत्नी और दो छोटे बच्चों की परवरिश कैसे होगी, यह सवाल परिवार के सामने खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी सुमेश कुमार भी बेंगलुरु में किसी कंपनी में काम करता था। चर्चा है कि घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू बेंगलुरु से लाया गया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। इकलौते बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद मां सरिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे के शव को देखकर वह बार-बार कह रही थीं, “अब हमको कौन देखेगा… पिता भी हमें छोड़कर चले गए, अब तुम भी हमें छोड़कर चले गए। अब हम किसके सहारे जिएंगे।” सरिता देवी ने घटना के संबंध में बताया कि रात में लड़ाई हुई थी और उनके बेटे को चाकू मार दिया गया। उन्होंने आरोपी के रूप में पंकज चौधरी के बेटे का नाम बताया। हालांकि, घटना के आरोपी और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच जारी है। चचेरे भाई ने लगाया पिता-पुत्र पर हमला करने का आरोप मृतकों के चचेरे भाई राजीव कुमार ने बताया कि दोनों काली मंदिर में थे। इसी दौरान पंकज चौधरी और उसके बेटे सुमेश कुमार के आने और चाकू से हमला करने का आरोप लगाया। राजीव के अनुसार दोनों की हालत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी विवाद की जानकारी नहीं थी। 2019 की पुरानी हत्या की घटना की भी चर्चा दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में वर्ष 2019 की एक पुरानी हत्या की घटना की चर्चा भी तेज हो गई है। 18 मार्च 2019 को इसी गांव में एक युवती सीमा कुमारी की कुदाल से काटकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में मृतका की मां ने पंकज चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए थे। वर्षों बाद उसी परिवार से जुड़े लोगों के नाम नए हत्याकांड में सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच पुरानी घटना की चर्चा फिर शुरू हो गई है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। गांव में पुलिस बल तैनात, जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही भरतखंड थानाध्यक्ष सावित्री कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस घटना के कारण, हमले में शामिल लोगों और इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। खगड़िया के भरतखंड थाना क्षेत्र के खजरैठा नयाटोला में गुरुवार रात चाकूबाजी की घटना में दो युवकों की मौत हो गई। मामूली विवाद के बाद हुई इस घटना में गौरव कुमार (23) और अंकुर कुमार (22) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सुमेश कुमार, उसके पिता पंकज चौधरी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार रात दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद सुमेश कुमार ने गौरव और अंकुर को काली मंदिर परिसर में बुलाया। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार पढ़िए पूरी घटना…. परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था वहां दोनों पर चाकू से कई वार किए गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तुरंत उन्हें परबत्ता अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय रेफर कर दिया था। बताया गया कि बेगूसराय ले जाते समय रास्ते में अंकुर कुमार ने दम तोड़ दिया। वहीं, गौरव कुमार की मौत बेगूसराय में इलाज के दौरान हुई। दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम छा गया। मृतक अंकुर कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी शादी करीब सात साल पहले परबत्ता प्रखंड के कबेला गांव में हुई थी। प्राइवेट कंपनी में काम करता था मृतक उसके एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी झुना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, अंकुर बहुत गरीब परिवार से था और बेंगलुरु में मजदूरी करता था। ग्रामीणों का कहना है कि अंकुर पर ही परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी। उसकी मौत के बाद अब पत्नी और दो छोटे बच्चों की परवरिश कैसे होगी, यह सवाल परिवार के सामने खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी सुमेश कुमार भी बेंगलुरु में किसी कंपनी में काम करता था। चर्चा है कि घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू बेंगलुरु से लाया गया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। इकलौते बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद मां सरिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे के शव को देखकर वह बार-बार कह रही थीं, “अब हमको कौन देखेगा… पिता भी हमें छोड़कर चले गए, अब तुम भी हमें छोड़कर चले गए। अब हम किसके सहारे जिएंगे।” सरिता देवी ने घटना के संबंध में बताया कि रात में लड़ाई हुई थी और उनके बेटे को चाकू मार दिया गया। उन्होंने आरोपी के रूप में पंकज चौधरी के बेटे का नाम बताया। हालांकि, घटना के आरोपी और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच जारी है। चचेरे भाई ने लगाया पिता-पुत्र पर हमला करने का आरोप मृतकों के चचेरे भाई राजीव कुमार ने बताया कि दोनों काली मंदिर में थे। इसी दौरान पंकज चौधरी और उसके बेटे सुमेश कुमार के आने और चाकू से हमला करने का आरोप लगाया। राजीव के अनुसार दोनों की हालत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी विवाद की जानकारी नहीं थी। 2019 की पुरानी हत्या की घटना की भी चर्चा दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में वर्ष 2019 की एक पुरानी हत्या की घटना की चर्चा भी तेज हो गई है। 18 मार्च 2019 को इसी गांव में एक युवती सीमा कुमारी की कुदाल से काटकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में मृतका की मां ने पंकज चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए थे। वर्षों बाद उसी परिवार से जुड़े लोगों के नाम नए हत्याकांड में सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच पुरानी घटना की चर्चा फिर शुरू हो गई है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। गांव में पुलिस बल तैनात, जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही भरतखंड थानाध्यक्ष सावित्री कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस घटना के कारण, हमले में शामिल लोगों और इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।  

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