नालंदा जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोगड़ी पर गांव में बेखौफ चोरों ने एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी के बंद घर को नहीं, बल्कि परिजनों की मौजूदगी में पूरे मकान को खंगाल डाला। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस मौके पर तफ्तीश के लिए नहीं पहुंची। हद तो तब हो गई जब पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ‘गांव का रास्ता खराब है, वे कैसे पहुंचें।’ छत के रास्ते घुसे चोर, नकदी समेत जेवरात उड़ाए पीड़ित ट्रांसपोर्ट कारोबारी नीरज कुमार ने बताया कि घटना की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाकर सो रहे थे। देर रात अज्ञात चोर छत के सहारे घर में दाखिल हुए। चोरों ने कमरों में रखे पेटी और बक्से के ताले तोड़कर 98 हजार रुपये नकद और 5 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात समेट लिए। चोरी गए आभूषणों में झुमका, कर्णवाली, पायल, सोने की सिकड़ी समेत अन्य कीमती सामान शामिल हैं। चोरों ने कीमती बर्तनों और कपड़ों को हाथ तक नहीं लगाया। नशीले स्प्रे के छिड़काव की आशंका सुबह जब परिजनों की आंख खुली, तो घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और बक्से टूटे मिले। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि शातिर चोरों ने वारदात से पहले घर में किसी नशीली दवा या स्प्रे का छिड़काव किया था, जिसके चलते घर में मौजूद किसी भी सदस्य को खटपट की भनक तक नहीं लगी और सभी बेसुध सोते रहे। थाने का चक्कर काटता रहा पीड़ित परिवार नीरज कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी तुरंत फोन द्वारा मानपुर पुलिस को दी गई। घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई नहीं आया, तो शाम को थाने जाकर लिखित आवेदन दिया गया। लिखित शिकायत के 18 घंटे बाद भी पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची। घर का सारा सामान जस का तस बिखरा पड़ा है। इधर, मानपुर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध शर्मा ने पीड़ित के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित आवेदन शाम को मिला था और रात हो जाने के कारण विस्तृत जांच नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है और जल्द ही चोरों को चिह्नित कर लिया जाएगा। नालंदा जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोगड़ी पर गांव में बेखौफ चोरों ने एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी के बंद घर को नहीं, बल्कि परिजनों की मौजूदगी में पूरे मकान को खंगाल डाला। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस मौके पर तफ्तीश के लिए नहीं पहुंची। हद तो तब हो गई जब पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ‘गांव का रास्ता खराब है, वे कैसे पहुंचें।’ छत के रास्ते घुसे चोर, नकदी समेत जेवरात उड़ाए पीड़ित ट्रांसपोर्ट कारोबारी नीरज कुमार ने बताया कि घटना की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाकर सो रहे थे। देर रात अज्ञात चोर छत के सहारे घर में दाखिल हुए। चोरों ने कमरों में रखे पेटी और बक्से के ताले तोड़कर 98 हजार रुपये नकद और 5 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात समेट लिए। चोरी गए आभूषणों में झुमका, कर्णवाली, पायल, सोने की सिकड़ी समेत अन्य कीमती सामान शामिल हैं। चोरों ने कीमती बर्तनों और कपड़ों को हाथ तक नहीं लगाया। नशीले स्प्रे के छिड़काव की आशंका सुबह जब परिजनों की आंख खुली, तो घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और बक्से टूटे मिले। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि शातिर चोरों ने वारदात से पहले घर में किसी नशीली दवा या स्प्रे का छिड़काव किया था, जिसके चलते घर में मौजूद किसी भी सदस्य को खटपट की भनक तक नहीं लगी और सभी बेसुध सोते रहे। थाने का चक्कर काटता रहा पीड़ित परिवार नीरज कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी तुरंत फोन द्वारा मानपुर पुलिस को दी गई। घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई नहीं आया, तो शाम को थाने जाकर लिखित आवेदन दिया गया। लिखित शिकायत के 18 घंटे बाद भी पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची। घर का सारा सामान जस का तस बिखरा पड़ा है। इधर, मानपुर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध शर्मा ने पीड़ित के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित आवेदन शाम को मिला था और रात हो जाने के कारण विस्तृत जांच नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है और जल्द ही चोरों को चिह्नित कर लिया जाएगा।

