उदयपुर कांग्रेस में एक कांग्रेस नेता की महिला नेता से बातचीत का ऑडियो सामने आया है। जिसमें महिला नेता को धमकाते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो की जयपुर से दिल्ली तक कांग्रेस नेताओं तक बात पहुंची है और बातचीत का यह ऑडियो अब उदयपुर की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऑडियो राजस्थान के पूर्व राज्यमंत्री स्व. खेमराज कटारा के बेटे विवेक कटारा और यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दिव्यानी कटारा के बीच बातचीत का है। ऑडियो में दोनों के बीच उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र को लेकर बातचीत होती सुनाई दे रही है। विवेक कटारा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस के दो बार प्रत्याशी रहे और यहां से उनकी मां सज्जन कटारा विधायक भी रह चुकीं हैं। ऑडियो में विवेक कटारा कथित तौर पर दिव्यानी से कहते हैं कि उदयपुर ग्रामीण विधानसभा उनका घर है। इस पर डॉ. दिव्यानी कटारा जवाब देती हैं कि यह उनका भी घर है, जन्मभूमि है। इसके बाद विवेक कहते हैं कि तुम्हारा घर तो डूंगरपुर है, तो दिव्यानी कहती है ये मेरी जन्मभूमि है। ऑडियो में बातचीत के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस भी होती है। डॉ. दिव्यानी कटारा का कहना है कि इस बातचीत में विवेक कटारा संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, जबकि मैंने उनसे कहा कि मैं संगठन का ही काम कर रही हूं। चुनाव में उदयपुर ग्रामीण और उदयपुर शहर दोनों विधानसभा में लगी हुई हूं। मेरे खून में कांग्रेस है। बातचीत में विवेक कटारा ने आगे कहा कि यह सब करना है तो अशोक गहलोत के वहां प्रचार करो, गोगुंदा में काम करो इस पर दिव्यानी ने कहा कि गहलोत साहब को बीच में क्यों ला रहे हैं, मैंने हर समय आपका सम्मान किया है। ऑडियो में डॉ. दिव्यानी कटारा बातचीत में वे कहती सुनाई देती हैं कि कांग्रेस एक संगठन है और यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस तथा मुख्य कांग्रेस सभी कांग्रेस का ही हिस्सा हैं। वे संगठन के लिए काम करते रहने की बात भी कहती हैं। दिव्यानी-आप मुझे धमका कर कांग्रेस से निकलवा देंगे इधर, दैनिक भास्कर ने दिव्यानी कटारा को इस ऑडियो के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि 3 सितंबर की रात सवा ग्यारह बजे विवेक कटारा का मेरे वॉट्सएप नंबर पर कॉल आया था। तब उन्होंने मुझे जिस तरह से बात की, वह बहुत गलत थी और धमकी भरी थी। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि यह ऐसा क्यों कर रहे हैं। दिव्यानी ने कहा कि उन्होंने मुझे उदयपुर ग्रामीण विधानसभा में मेहनत क्यों कर रही हो, हम यहां 40 साल से काम कर रहे हैं और तुम्हारी हैसियत क्या है जैसा बोला। मुझे धमकी देते हुए बात की। कहा कि ग्रामीण विधानसभा में टिकट मिलने की बात पर मैंने कहा यह आलाकमान तय करेगा। दिव्यानी ने भास्कर को बताया कि उदयपुर ग्रामीण विधानसभा सीट किसी की बपोती नहीं है। मैंने विवेक कटारा का हर समय सम्मान किया था, लेकिन उन्होंने रात को जिस ढंग से बात की मुझे बहुत ठेस पहुंची। वे बोली कि सारी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है। मुझ जैसे जमीनी कार्यकर्ता को कोई धमकाए तो कैसे चलेगा, वे मुझे कांग्रेस से निकलवा देंगे क्या ऐसे बात कर के। विवेक- समझाने के लिए कॉल किया, क्या गलत है इधर, विवेक कटारा ने भास्कर से कहा मैंने फोन सवा ग्यारह बजे नहीं करीब दस बजे किया था। मेरा मकसद इतना था कि चुनाव में वो कहीं भी जाए तो सब पार्टी के लोगों के साथ-साथ जाएं यह कहा। मैंने पूछा आप अकेले क्यों जा रहे हैं, नीचे मैसेज गलत जाता है। मुझे पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक ने कहा कि यह सब क्या चल रहा है। इसी को लेकर मैंने दिव्यानी को कॉल किया था। मैंने उनको बोला कि आपको उदयपुर ग्रामीण में कोई जिम्मेदारी पार्टी ने दे रखी है, तो संगठन के लोगों के साथ जाएं, अकेले क्यों जा रहे हैं। पार्टी के लोग तो एक-दूसरे से बात करेंगे और जो फीडबैक आया उसके आधार पर मैंने कॉल कर बताया। विवेक ने कहा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा में जिम्मेदारी हमारी है, कोई बात होगी तो पार्टी हमसे पूछेगी। मैंने समझाने के लिए कॉल किया था। इसके बाद भी फिर भी कोई बात थी तो पार्टी मंच पर करनी थी न कि बातचीत का ऑडियो वायरल कर चुनाव के समय पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम करना था।

