उमरिया जिले के भरौला में कलेक्टर राखी सहाय ने गुरुवार को राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह बालक खेल परिसर उमरिया स्थित 120 सीटर छात्रावास की जांच की थी। जांच के दौरान परिसर के कई जगहों पर रिसाव की समस्या मिली। वहीं खेल मैदान में ट्रैक भी नहीं बना था। इसके अलावा जिम के सामान और खेल सामग्री खरीदने के लिए पैसा होने के बावजूद सामान नहीं खरीदा गया था। इसके बाद आज शुक्रवार को नोटिस जारी कर तीन दिन में जबाब मांगा है। कलेक्टर ने इस बारे में लोक निर्माण विभाग पीआईयू के कार्यपालन यंत्री दिलीप सिंह टेकाम से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि खेल सामग्री की सूची सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग से नहीं मिली है। जबकि मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त ने कहा कि सूची पहले ही दे दी गई थी। कलेक्टर ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल किए कलेक्टर ने इसे गंभीर मानते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत अधिकारियों को अपने विभाग के भवनों और योजनाओं की जांच करनी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ने परिसर की जांच नहीं की। भवन के पूरी तरह उपयोग में आने से पहले ही रिसाव की समस्या सामने आने पर कलेक्टर ने भवन की क्वालिटी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए इतने जरूरी क्रीड़ा परिसर में खेल सामग्री न होने से बच्चों की प्रतिभाओं के विकास में दिक्कत आ रही है। यह सरकार के मकसद के खिलाफ है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है। कलेक्टर ने 3 दिन में मांगा जबाब कलेक्टर राखी सहाय ने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग पीआईयू दिलीप सिंह टेकाम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब देने को कहा है। नोटिस में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी, अपनी जिम्मेदारियों में लापरवाही, उदासीनता बताया गया है। तय समय में जवाब न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

