पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर लोगों को फर्जी लोन स्वीकृति पत्र भेजकर ठगी करने वाले गिरोह के दो साइबर अपराधियों को बुधवार को नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी से पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक, गिरोह लोन की जरूरत वाले लोगों का डाटा हासिल करता था। इसके बाद उन्हें पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर फर्जी लोन स्वीकृति पत्र भेजे जाते थे। लोन पास कराने के नाम पर उनसे प्रोसेसिंग फीस जमा कराई जाती थी। रकम मिलते ही आरोपी लोगों से संपर्क तोड़ देते थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को 10 प्रतिशत कमीशन पर उपलब्ध कराते थे। ठगी की रकम इन खातों में आने के बाद अपना कमीशन काटकर बाकी रकम साइबर अपराधियों को दे देते थे। जांच में आरोपी तुषार के बैंक खाते में 1.20 लाख रुपए और सुमित के खाते में 2.20 लाख रुपए आने की जानकारी मिली है। यानी दोनों खातों में कुल 3.40 लाख रुपए का लेनदेन सामने आया है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु से भी शिकायतें मिलीं
पुलिस के अनुसार, इन बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर महाराष्ट्र और तमिलनाडु से कुल दो शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन खातों और उनसे जुड़े दूसरे लेनदेन की भी जांच कर रही है। यह मामला साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 145/2025 से जुड़ा है। इसी मामले में पुलिस पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 दिसंबर 2025 को जेल भेज चुकी है। बैंक खाते, वेबसाइट और डिजिटल नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, वेबसाइट और डिजिटल नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील की है कि अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, आधार, पैन या अन्य दस्तावेज साझा न करें।

