हाथरस में इंटरनेट मीडिया पर बच्चों से जुड़ी अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री शेयर किए जाने के मामले में हाथरस साइबर क्राइम पुलिस ने गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई साइबर टिप लाइन से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस ने आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 16 अप्रैल को साइबर टिप लाइन की एक रिपोर्ट अपलोड की गई थी, जो हाथरस साइबर क्राइम थाने को प्राप्त हुई। मामले की जांच उपनिरीक्षक अमन कुमार वैश्य को सौंपी गई। मोबाइल नंबर की सीएएफ डिटेल से हुई पहचान जांच के दौरान तकनीकी सहायक अंकित कुमार की मदद से टिप लाइन रिपोर्ट में दर्ज मोबाइल नंबर की सीएएफ (कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म) डिटेल हासिल की गई। जांच में मोबाइल नंबर धारक की पहचान सासनी क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित फेसबुक आईडी की जांच की। जांच में सामने आया कि उक्त आईडी से 3 फरवरी को आपत्तिजनक वीडियो शेयर किया गया था। पुलिस ने वीडियो को डिजिटल साक्ष्य के तौर पर पेनड्राइव में सुरक्षित कर सील किया और रिपोर्ट के प्रिंटआउट के साथ साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक को शिकायत सौंपी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। डिजिटल साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे पुलिस के मुताबिक, मामले में जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। आरोपी को नोटिस जारी कर पूछताछ की जाएगी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री की पहचान और रिपोर्टिंग के लिए साइबर टिप लाइन जैसी व्यवस्था के माध्यम से सूचनाएं प्राप्त होती हैं। ऐसी रिपोर्ट संबंधित राज्यों की पुलिस को भेजी जाती हैं, जिसके आधार पर स्थानीय स्तर पर जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाती है। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस मामले के तकनीकी साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।

