लखनऊ के गोमतीनगर स्थित स्टडी हॉल के 40 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर ‘मेमोरिया 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शहर के 20 स्कूलों के 1,800 से ज्यादा बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। यह चार दिवसीय इंटर-स्कूल कार्यक्रम 31 अगस्त से 3 सितंबर तक चला, जिसमें किंडरगार्टन से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मेमोरिया में कई तरह के कार्यक्रम हुए। इनमें बाल मंच, युवा मंच, ऋतुरंग, दास्तानगोई, नाद ब्रह्म, शार्क टैंक, रिसायकल दिवाज़, टॉक-ए-थॉन और डांस ऑफ डेमोक्रेसी शामिल थे। बच्चों ने डांस, थिएटर, संगीत, कहानी, कला, खेल, उद्यमिता, पब्लिक स्पीकिंग और लोकतांत्रिक संवाद जैसे क्षेत्रों में अपना हुनर दिखाया। कार्यक्रम में कई स्कूलों के छात्र शामिल हुए इस कार्यक्रम में 20 स्कूलों के बच्चों ने हिस्सा लिया। इनमें सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, जीडी गोयनका, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, आनंद राम जयपुरिया स्कूल, मॉडर्न एकेडमी, विद्यास्थली, प्रेरणा गर्ल्स स्कूल और प्रेरणा बॉयज स्कूल जैसे कई स्कूल शामिल थे। हर बच्चे को आगे बढ़ने का मौका मिलता है इस मौके पर स्टडी हॉल एजुकेशनल फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. उर्वशी साहनी ने कहा कि 40 साल के जश्न की शुरुआत लखनऊ के बच्चों की आवाज से होना खास है। उन्होंने बताया कि स्टडी हॉल की शुरुआत उनके गैरेज में सिर्फ छह बच्चों के साथ हुई थी। आज ‘यूनिवर्स ऑफ केयर’ हर बच्चे के लिए खुला है। डॉ. साहनी ने कहा कि मेमोरिया इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला मंच है। यहां हर बच्चे को अपनी बात कहने और आगे बढ़ने का मौका मिलता है। स्टडी हॉल की प्रिंसिपल मीनाक्षी बहादुर ने बताया कि मेमोरिया का मकसद सिर्फ प्रतियोगिता कराना नहीं था। इसका उद्देश्य अलग-अलग स्कूलों और पृष्ठभूमि के बच्चों को साथ लाना था। ताकि वे एक-दूसरे से सीख सकें, अपने विचार साझा कर सकें और अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

