मुजफ्फरपुर में जन्माष्टमी की धूम:100 साल पुराने मंदिर में खास तैयारी; वाराणसी के वस्त्रों से होगा राधा-कृष्ण का श्रृंगार, बाजारों में बढ़ी रौनक

मुजफ्फरपुर में जन्माष्टमी की धूम:100 साल पुराने मंदिर में खास तैयारी; वाराणसी के वस्त्रों से होगा राधा-कृष्ण का श्रृंगार, बाजारों में बढ़ी रौनक

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) को लेकर मुजफ्फरपुर में मंदिरों से लेकर बाजारों तक उत्सव का माहौल है। शहर के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिरों में सजावट और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और फूलों से सजाया जा रहा है। दर्जनों कारीगर दिन-रात मंदिरों के श्रृंगार और सजावट में जुटे हैं। शहर के रज्जू साह लेन स्थित हरिसभा राधा-कृष्ण मंदिर, सूतापट्टी, सरैयागंज, गोला रोड सहित कई इलाकों के मंदिरों में विशेष विद्युत सज्जा की जा रही है। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण की तैयारी की गई है। 100 साल पुराने मंदिर में खास तैयारी, वाराणसी के वस्त्र पहनेंगे राधा-कृष्ण हरिसभा स्थित करीब 100 वर्ष पुराने राधा-कृष्ण मंदिर में इस बार जन्माष्टमी को विशेष रूप देने की तैयारी है। मंदिर में दिन-रात कारीगर सजावट और श्रृंगार का काम कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के लिए वाराणसी से विशेष वस्त्र मंगवाए गए हैं। इन्हीं वस्त्रों में दोनों का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर के महाशृंगार के लिए केरल और बंगाल से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। फूलों और आकर्षक सजावट के जरिए मंदिर के गर्भगृह और परिसर को भव्य रूप दिया जा रहा है। मंदिर में दो दिवसीय उत्सव का आयोजन होगा और तैयारियों को रात तक पूरा करने का लक्ष्य है। खाटू श्याम और इस्कॉन मंदिर में भी उत्सव की तैयारी शहर के खाटू श्याम मंदिर और मिठनपुरा स्थित इस्कॉन मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां चल रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए पंडाल और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बाजारों में बढ़ी रौनक, लड्डू गोपाल से लेकर झूले तक की खरीदारी जन्माष्टमी को लेकर मुजफ्फरपुर के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। लड्डू गोपाल की मूर्तियों, उनके वस्त्र, मुकुट, बांसुरी, झूले और पूजन सामग्री की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं, युवतियां और युवा खास तौर पर लड्डू गोपाल के लिए आकर्षक पोशाक और श्रृंगार सामग्री खरीद रहे हैं। शहर के कई बाजारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। मंदिरों में होने वाले विशेष आयोजनों को लेकर भी भक्तों में उत्साह है। जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा और आरती के साथ उत्सव मनाया जाएगा। मंदिर प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) को लेकर मुजफ्फरपुर में मंदिरों से लेकर बाजारों तक उत्सव का माहौल है। शहर के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिरों में सजावट और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और फूलों से सजाया जा रहा है। दर्जनों कारीगर दिन-रात मंदिरों के श्रृंगार और सजावट में जुटे हैं। शहर के रज्जू साह लेन स्थित हरिसभा राधा-कृष्ण मंदिर, सूतापट्टी, सरैयागंज, गोला रोड सहित कई इलाकों के मंदिरों में विशेष विद्युत सज्जा की जा रही है। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण की तैयारी की गई है। 100 साल पुराने मंदिर में खास तैयारी, वाराणसी के वस्त्र पहनेंगे राधा-कृष्ण हरिसभा स्थित करीब 100 वर्ष पुराने राधा-कृष्ण मंदिर में इस बार जन्माष्टमी को विशेष रूप देने की तैयारी है। मंदिर में दिन-रात कारीगर सजावट और श्रृंगार का काम कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के लिए वाराणसी से विशेष वस्त्र मंगवाए गए हैं। इन्हीं वस्त्रों में दोनों का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर के महाशृंगार के लिए केरल और बंगाल से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। फूलों और आकर्षक सजावट के जरिए मंदिर के गर्भगृह और परिसर को भव्य रूप दिया जा रहा है। मंदिर में दो दिवसीय उत्सव का आयोजन होगा और तैयारियों को रात तक पूरा करने का लक्ष्य है। खाटू श्याम और इस्कॉन मंदिर में भी उत्सव की तैयारी शहर के खाटू श्याम मंदिर और मिठनपुरा स्थित इस्कॉन मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां चल रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए पंडाल और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बाजारों में बढ़ी रौनक, लड्डू गोपाल से लेकर झूले तक की खरीदारी जन्माष्टमी को लेकर मुजफ्फरपुर के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। लड्डू गोपाल की मूर्तियों, उनके वस्त्र, मुकुट, बांसुरी, झूले और पूजन सामग्री की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं, युवतियां और युवा खास तौर पर लड्डू गोपाल के लिए आकर्षक पोशाक और श्रृंगार सामग्री खरीद रहे हैं। शहर के कई बाजारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। मंदिरों में होने वाले विशेष आयोजनों को लेकर भी भक्तों में उत्साह है। जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा और आरती के साथ उत्सव मनाया जाएगा। मंदिर प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।  

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