अररिया के मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां तेज:आधी रात 12:55 बजे होगा जन्मोत्सव, शुक्रवार को मनेगी जन्माष्टमी

अररिया के मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां तेज:आधी रात 12:55 बजे होगा जन्मोत्सव, शुक्रवार को मनेगी जन्माष्टमी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर अररिया शहर के अलग-अलग मंदिरों में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। शहर के कृष्णापुरी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, खरैया बस्ती स्थित सार्वजनिक पुराना राधा-कृष्ण मंदिर, श्री राधा-कृष्ण मंदिर और विश्व प्रसिद्ध मां खड़गेश्वरी काली मंदिर में विशेष तैयारियां हो रही हैं। इन मंदिरों में गुरुवार की रात 12:55 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसे लेकर मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सजावट और अन्य तैयारियां आखिरी दौर में हैं। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। खरैया बस्ती स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर के एक कार्यकर्ता ने बताया कि जन्मोत्सव के लिए खास तैयारी की जा रही है। देर रात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साक्षी बनेंगे और पूजा-अर्चना व भजन-कीर्तन में शामिल होंगे। वहीं, प्राचीन सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन शुक्रवार को होगा। मंदिर के महंत पंडित कृष्ण तिवारी ने बताया कि तिथि में बदलाव के कारण उनके यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शुक्रवार को मनाने का फैसला लिया गया है। जन्माष्टमी को लेकर शहर में भक्तिमय माहौल बन गया है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण की तैयारियां भी चल रही हैं। देर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों में शंख-घंटे और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय होने की संभावना है। गुरुवार को शहर के विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में भी जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया, जहां छोटे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण कर प्रस्तुति दी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर अररिया शहर के अलग-अलग मंदिरों में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। शहर के कृष्णापुरी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, खरैया बस्ती स्थित सार्वजनिक पुराना राधा-कृष्ण मंदिर, श्री राधा-कृष्ण मंदिर और विश्व प्रसिद्ध मां खड़गेश्वरी काली मंदिर में विशेष तैयारियां हो रही हैं। इन मंदिरों में गुरुवार की रात 12:55 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसे लेकर मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सजावट और अन्य तैयारियां आखिरी दौर में हैं। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। खरैया बस्ती स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर के एक कार्यकर्ता ने बताया कि जन्मोत्सव के लिए खास तैयारी की जा रही है। देर रात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साक्षी बनेंगे और पूजा-अर्चना व भजन-कीर्तन में शामिल होंगे। वहीं, प्राचीन सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन शुक्रवार को होगा। मंदिर के महंत पंडित कृष्ण तिवारी ने बताया कि तिथि में बदलाव के कारण उनके यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शुक्रवार को मनाने का फैसला लिया गया है। जन्माष्टमी को लेकर शहर में भक्तिमय माहौल बन गया है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण की तैयारियां भी चल रही हैं। देर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों में शंख-घंटे और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय होने की संभावना है। गुरुवार को शहर के विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में भी जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया, जहां छोटे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण कर प्रस्तुति दी।  

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