kolhapur Murder Case: कोल्हापुर जिले के चंदगड तालुका में एक 17 वर्षीय छात्र की हत्या का मामला सामने आया है। चचेरी बहन से प्रेम संबंधों से नाराज एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। वारदात को छुपाने के लिए आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में लाश को सैकड़ों फीट गहरी खाई में फेंक दिया और बाइक दूसरे राज्य में छोड़ आए। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक हर्षद प्रकाश हुंदलेकर का मुख्य आरोपी कीर्तिकुमार कुट्रे की चचेरी बहन से अफेयर चल रहा था।
फर्जी आईडी से बिछाया जाल
इसी रंजिश में कीर्तिकुमार ने हर्षद को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। उसने इसके लिए एक सोची-समझी साजिश रची। आरोपी ने एक हफ्ते पहले इंस्टाग्राम पर लड़की की फर्जी प्रोफाइल बनाई। फिर हर्षद से बातें शुरू कीं और उसे अपनी बातों के जाल में फंसा लिया। जब हर्षद पूरी तरह झांसे में आ गया, तो शनिवार (29 अगस्त) की रात उसे पार्ले इलाके में एक सुनसान जगह पर मिलने बुलाया।
अकेले बुलाकर सिर पर किया वार
हर्षद अपने एक दोस्त के साथ बाइक से वहां पहुंचा। तभी फर्जी आईडी से दोबारा मैसेज आया कि ‘तुम अकेले आओ’। हर्षद ने अपने दोस्त को वहीं रोका और खुद आगे चला गया। वहां पहले से झाड़ियों में छिपे कीर्तिकुमार रामू कुट्रे (28), दिलीप उर्फ लहू लक्ष्मण कुट्रे (29) और श्रीनाथ मधुकर नागुर्डेकर (24) ने उस पर अचानक हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से हर्षद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सबूत मिटाने के लिए खाई में फेंकी लाश
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का खौफनाक प्लान बनाया। वे हर्षद के शव को गाड़ी में डालकर तिलारी के मशहूर ‘स्वप्नवेल पॉइंट’ ले गए और गहरी खाई में नीचे फेंक दिया। पुलिस को लगे कि छात्र कहीं भाग गया है, इसलिए उसकी बाइक को पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेलगाम में छोड़ आए।
तकनीकी जांच से खुला राज
जब हर्षद घर नहीं लौटा, तो उसकी मां योगिता ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। चंदगड पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया चैट्स खंगाले, तो सारा सच शीशे की तरह साफ हो गया। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर संशयितों को हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
खाई में शव की तलाश जारी
पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर स्वप्नवेल पॉइंट पहुंची। हालांकि खाई बहुत गहरी होने, घना कोहरा और रोशनी कम होने के कारण पहले दिन शव नहीं मिल सका। अब सावंतवाड़ी की रेस्क्यू टीम, ड्रोन कैमरे, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मामले में पुलिस ने अब तक पांच लोगों को पकड़ा है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

