Syria Strait of Hormuz Alternative Trump: ईरान युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही प्रभावित होने के बाद अब वैकल्पिक रास्तों की तलाश तेज हो गई है। इसी बीच सीरिया ने खुद को खाड़ी क्षेत्र से यूरोप तक तेल पहुंचाने वाले नए रूट के तौर पर पेश किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पहल का समर्थन किया है। ट्रंप ने सीरिया के इस प्रस्ताव से जुड़ी रिपोर्ट शेयर करते हुए इसे ग्रेट बताया है।
सीरिया से होकर जाएगा तेल
सीरिया की नई सरकार अपने भौगोलिक स्थान और भूमध्य सागर तक पहुंच का फायदा उठाना चाहती है। उसका लक्ष्य इराक और खाड़ी क्षेत्र से आने वाले तेल और अन्य सामान के लिए सीरिया को एक अहम ट्रांजिट रूट बनाना है। इस दिशा में काम शुरू भी हो चुका है। दक्षिणी इराक से सीरिया के भूमध्यसागरीय बंदरगाह बनियास तक रोज करीब 5,000 तेल टैंकर ट्रक पहुंच रहे हैं। यह व्यवस्था अप्रैल में शुरू हुई थी। इसका मकसद होर्मुज से होकर होने वाली समुद्री आवाजाही पर निर्भरता कम करना था।
बनियास पहुंचने के बाद तेल को समुद्री जहाजों के जरिए आगे अलग-अलग बाजारों तक भेजा जा सकता है। इससे इराक को यूरोप और दूसरे बाजारों तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता मिल रहा है।
1,000 मील की पाइपलाइन का प्रस्ताव
सीरिया के प्लान का सबसे बड़ा हिस्सा एक नई तेल पाइपलाइन है। प्रस्तावित पाइपलाइन दक्षिणी इराक के तेल क्षेत्र बसरा को सीरिया के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित बनियास से जोड़ेगी। करीब 1,000 मील लंबी इस पाइपलाइन की लागत लगभग 5.7 अरब डॉलर बताई जा रही है। इसके जरिए रोजाना 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जाने की क्षमता हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन ने इस परियोजना का समर्थन किया है और इसमें अमेरिकी कंपनी शेवरॉन की भूमिका बताई गई है।
अमेरिका के सीरिया मामलों के विशेष दूत टॉम बैरक ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अहमियत काफी कम हो सकती है और वह महज एक वैकल्पिक रास्ते जैसा रह जाएगा।
लेकिन तुरंत नहीं बदलेगा होर्मुज
नई पाइपलाइन को होर्मुज का तत्काल विकल्प मानना सही नहीं होगा। इसके निर्माण में कम से कम ढाई साल लग सकते हैं। साथ ही इसकी क्षमता होर्मुज से सामान्य तौर पर गुजरने वाले समुद्री माल की पूरी मात्रा को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। इसके अलावा पाइपलाइन की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती होगी। प्रस्तावित रूट का कुछ हिस्सा पश्चिमी इराक से होकर गुजरता है, जहां ईरान समर्थित मिलिशिया का प्रभाव है। सीरिया में भी सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
होर्मुज पर निर्भरता घटाने की कोशिश
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है। आम तौर पर दुनिया के करीब एक-पांचवें तेल शिपमेंट इसी रास्ते से गुजरते हैं। ईरान युद्ध के कारण यहां समुद्री आवाजाही प्रभावित होने से तेल निर्यात करने वाले देशों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं। ऐसे में सीरिया के लिए मौजूदा संकट एक आर्थिक और रणनीतिक अवसर बन गया है। ट्रक रूट पहले से इस्तेमाल हो रहा है और प्रस्तावित पाइपलाइन इसे बड़े ऊर्जा कॉरिडोर में बदल सकती है।
हालांकि, परियोजना की लागत, सुरक्षा और निर्माण में लगने वाला समय इसे लंबी अवधि की योजना बनाते हैं। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सीरिया का नया रूट होर्मुज की जगह ले लेगा। लेकिन मौजूदा हालात ने खाड़ी से भूमध्य सागर तक एक वैकल्पिक ऊर्जा कॉरिडोर की संभावनाओं को जरूर मजबूत कर दिया है।

