नौकरी के पहले दिन ही चतुर्थ श्रेणी (फोर्थ क्लास) कर्मचारी काम करने के बजाए धरने पर बैठ गए। मामला जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल का है। यहां आज नौकरी के पहले ही दिन 50 से ज्यादा कर्मचारियों ने पोर्च में आकर सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक धरना दिया। दरअसल, 150 कर्मचारियों को सरकार ने पहली पोस्टिंग के तौर पर सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में लगाया था। हॉस्पिटल प्रशासन ने सभी को अलग-अलग सेक्शन में पोस्टिंग दी। करीब 50 कर्मचारियों को वार्ड बॉय का काम दिया गया। वार्ड बॉय का काम करने से मना करते हुए कर्मचारियों ने धरना दे दिया। कर्मचारियों का दावा- जॉब चार्ट में वार्ड बॉय का उल्लेख नहीं कर्मचारियों का कहना है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जॉब चार्ट में वार्ड बॉय का काम उल्लेखित नहीं है। ऐसे में जॉब चार्ट से बाहर जाकर काम करवाया जाएगा तो वह नहीं किया जाएगा। इधर एसएमएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी का कहना है- डिपार्टमेंट मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की जॉब रेस्पोंसेबिलिटी गाइडलाइन के सेक्शन-सी में स्पष्ट उल्लेख है कि वार्ड बॉय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का एक ही काम है। हमने इसी रूल्स के अनुसार इन कर्मचारियों को वर्क अलॉर्टमेंट किया। मैंने विरोध कर रहे इन कर्मचारियों को इस रूल्स की कॉपी भी दे दी है। एसएमएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी का कहना है कि डिपार्टमेंट मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की जॉब रेस्पोंसेबिलिटी गाइडलाइन के सेक्शन-सी में स्पष्ट उल्लेख है कि वार्ड बॉय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का एक ही काम है। मैं इसी रूल्स के अनुसार इन कर्मचारियों वर्क अलॉर्टमेंट कर रहा हूं। मैंने विरोध कर रहे इन कर्मचारियों को इस नियम की कॉपी भी दे दी है। ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट, बीटेक समेत अन्य डिग्रीधारी लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चयन बोर्ड ने साल 2025 में चतुर्थ श्रेणी के 53,749 पदों पर भर्ती के लिए एग्जाम करवाए थे। इन पदों पर नौकरी के लिए करीब 24.75 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 10वीं, 12वीं पास के अलावा बड़ी संख्या में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट समेत बीटैक समेत अन्य डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने एग्जाम दिया और सलेक्ट होकर नौकरी लगे।

