बक्सर में बाढ़ बचाव कार्यों में धांधली का आरोप:जिओ बैग और मिट्टी भराई में अनियमितता का दावा, मुख्य सचिव से जांच कराने की मांग

बक्सर में बाढ़ बचाव कार्यों में धांधली का आरोप:जिओ बैग और मिट्टी भराई में अनियमितता का दावा, मुख्य सचिव से जांच कराने की मांग

बक्सर के ब्रह्मपुर में जिओ बैग की गुणवत्ता और मिट्टी भराई को लेकर सवाल उठे हैं। बाढ़ और कटाव से बचाव के लिए लगाए जा रहे इन जिओ बैग में अनियमितता की शिकायतें अधिकारियों को दी गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले की जांच बिहार के मुख्य सचिव से कराने की मांग की गई है। यह जानकारी सिमरी प्रखंड निवासी प्रकाश ओझा, उत्तरी नैनीजोर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव और दक्षिणी नैनीजोर पंचायत के मुखिया गौरीशंकर तिवारी ने ब्रह्मपुर में दी। वीरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने उत्तरी नैनीजोर क्षेत्र में जिओ बैग के काम की गुणवत्ता के बारे में कई बार शिकायतें की थीं। उन्होंने डुमरांव एसडीओ, बक्सर जिलाधिकारी और बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता कन्हैया लाल सिंह को इसकी जानकारी दी थी। आरोप है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दक्षिणी नैनीजोर पंचायत के मुखिया गौरीशंकर तिवारी ने भी जिओ बैग के काम में तय मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बाढ़ और कटाव वाले इलाकों में बचाव कार्य की गुणवत्ता से समझौता करना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। प्रकाश ओझा ने बताया कि उन्होंने बिहार के मुख्य सचिव को लिखित आवेदन दिया है। इसमें जिलास्तरीय जांच टीम बनाकर मौके पर जांच कराने की मांग की गई है। जांच में जिओ बैग की सही संख्या, हर बैग में भरी मिट्टी की मात्रा और गुणवत्ता, काम की वास्तविक स्थिति और विभागीय अनुमान व माप पुस्तिका का मिलान कराने की मांग की गई है। अब यह मामला मुख्य सचिव तक पहुंचने के बाद सवाल यह है कि अगर शिकायतें लगातार आ रही थीं, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जांच होने पर ही पता चल पाएगा कि जिओ बैग के काम में तय मानकों का पालन हुआ है या आरोपों में सच्चाई है। बाढ़ नियंत्रण बक्सर के कार्यपालक अभियंता कन्हैया लाल सिंह के अनुसार, आरोप निराधार हैं और यह जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि काम में कोई मानक की कमी नहीं है। बक्सर के ब्रह्मपुर में जिओ बैग की गुणवत्ता और मिट्टी भराई को लेकर सवाल उठे हैं। बाढ़ और कटाव से बचाव के लिए लगाए जा रहे इन जिओ बैग में अनियमितता की शिकायतें अधिकारियों को दी गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले की जांच बिहार के मुख्य सचिव से कराने की मांग की गई है। यह जानकारी सिमरी प्रखंड निवासी प्रकाश ओझा, उत्तरी नैनीजोर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव और दक्षिणी नैनीजोर पंचायत के मुखिया गौरीशंकर तिवारी ने ब्रह्मपुर में दी। वीरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने उत्तरी नैनीजोर क्षेत्र में जिओ बैग के काम की गुणवत्ता के बारे में कई बार शिकायतें की थीं। उन्होंने डुमरांव एसडीओ, बक्सर जिलाधिकारी और बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता कन्हैया लाल सिंह को इसकी जानकारी दी थी। आरोप है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दक्षिणी नैनीजोर पंचायत के मुखिया गौरीशंकर तिवारी ने भी जिओ बैग के काम में तय मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बाढ़ और कटाव वाले इलाकों में बचाव कार्य की गुणवत्ता से समझौता करना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। प्रकाश ओझा ने बताया कि उन्होंने बिहार के मुख्य सचिव को लिखित आवेदन दिया है। इसमें जिलास्तरीय जांच टीम बनाकर मौके पर जांच कराने की मांग की गई है। जांच में जिओ बैग की सही संख्या, हर बैग में भरी मिट्टी की मात्रा और गुणवत्ता, काम की वास्तविक स्थिति और विभागीय अनुमान व माप पुस्तिका का मिलान कराने की मांग की गई है। अब यह मामला मुख्य सचिव तक पहुंचने के बाद सवाल यह है कि अगर शिकायतें लगातार आ रही थीं, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जांच होने पर ही पता चल पाएगा कि जिओ बैग के काम में तय मानकों का पालन हुआ है या आरोपों में सच्चाई है। बाढ़ नियंत्रण बक्सर के कार्यपालक अभियंता कन्हैया लाल सिंह के अनुसार, आरोप निराधार हैं और यह जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि काम में कोई मानक की कमी नहीं है।  

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