बालासोत में नल-जल योजना का गड्ढा 20 दिनों से खुला:बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा, खुले गड्ढे को जल्द भरने की ग्रामीणों ने की मांग

बालासोत में नल-जल योजना का गड्ढा 20 दिनों से खुला:बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा, खुले गड्ढे को जल्द भरने की ग्रामीणों ने की मांग

आमस प्रखंड के हरिदासपुर टोला महुआडीह से बांके बाजार प्रखंड के बालासोत गांव तक नल-जल योजना के तहत पाइप बिछाने के लिए एक गड्ढा खोदा गया था। यह गड्ढा पिछले करीब 20 दिनों से खुला पड़ा है। करीब 10 फीट गहरा होने के कारण स्थानीय लोगों को बच्चों और बुजुर्गों के इसमें गिरने का डर है। ग्रामीणों ने बताया कि पाइप लगाने के लिए सड़क किनारे और गांव के रास्ते में गड्ढा खोदा गया था। लेकिन, काम पूरा होने के बाद उसे ढका नहीं गया। कई दिनों से गड्ढा खुला होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गड्ढा काफी खतरनाक बना हुआ है। ग्रामीण राम बरत भुइयां, प्रवेश भुइयां, नरेश भुइयां, दिनेश भुइयां, उमेश भुइयां और गनौरी भुइयां ने बताया कि करीब 20 दिनों से गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। गड्ढा बहुत गहरा है और इसके आसपास सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर रात के समय कोई व्यक्ति या बच्चा इस गड्ढे में गिर गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द गड्ढे को भरवाने और अधूरा काम पूरा कराने की मांग की है। इस मामले में अधिकारियों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। आमस प्रखंड के हरिदासपुर टोला महुआडीह से बांके बाजार प्रखंड के बालासोत गांव तक नल-जल योजना के तहत पाइप बिछाने के लिए एक गड्ढा खोदा गया था। यह गड्ढा पिछले करीब 20 दिनों से खुला पड़ा है। करीब 10 फीट गहरा होने के कारण स्थानीय लोगों को बच्चों और बुजुर्गों के इसमें गिरने का डर है। ग्रामीणों ने बताया कि पाइप लगाने के लिए सड़क किनारे और गांव के रास्ते में गड्ढा खोदा गया था। लेकिन, काम पूरा होने के बाद उसे ढका नहीं गया। कई दिनों से गड्ढा खुला होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गड्ढा काफी खतरनाक बना हुआ है। ग्रामीण राम बरत भुइयां, प्रवेश भुइयां, नरेश भुइयां, दिनेश भुइयां, उमेश भुइयां और गनौरी भुइयां ने बताया कि करीब 20 दिनों से गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। गड्ढा बहुत गहरा है और इसके आसपास सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर रात के समय कोई व्यक्ति या बच्चा इस गड्ढे में गिर गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द गड्ढे को भरवाने और अधूरा काम पूरा कराने की मांग की है। इस मामले में अधिकारियों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।  

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