करमचट डैम के फाटक खुलने और लगातार बारिश से मोहनिया क्षेत्र में बाढ़ के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों और गांवों में भर गया है। बाढ़ के बढ़ते पानी का असर बिजली व्यवस्था पर भी दिख रहा है। मोहनिया के पावर हाउस परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे पूरे इलाके में बिजली सप्लाई ठप होने का खतरा है। अभी पंप लगाकर पावर हाउस से पानी निकाला जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने पावर हाउस के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि नदी का बाढ़ का पानी सीधे पावर हाउस में आ गया है। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बिजली सप्लाई कभी भी पूरी तरह बंद हो सकती है। हालांकि, तीन पंपिंग मोटरों से पानी निकालने का काम लगातार चल रहा है, लेकिन तेज बहाव के कारण संकट बना हुआ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने गुरुवार सुबह बताया। उन्होंने कहा कि डैम से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों और गांवों के घरों में पानी भर गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तैयारी से राहत और बचाव के कामों में लगा हुआ है। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ से फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और मदद पहुंचाने के लिए SDRF (एसडीआरएफ) की टीम बुलाई गई है। यह टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर काम संभाल लेगी। इसके अलावा, पावर हाउस से पानी निकालने की कोशिशें भी जारी हैं। जब तक पानी का स्तर नीचे नहीं आता, तब तक बिजली सप्लाई चालू करना मुश्किल होगा। पानी तभी कम होने की उम्मीद है, जब डैम के फाटक बंद होंगे। करमचट डैम के फाटक खुलने और लगातार बारिश से मोहनिया क्षेत्र में बाढ़ के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों और गांवों में भर गया है। बाढ़ के बढ़ते पानी का असर बिजली व्यवस्था पर भी दिख रहा है। मोहनिया के पावर हाउस परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे पूरे इलाके में बिजली सप्लाई ठप होने का खतरा है। अभी पंप लगाकर पावर हाउस से पानी निकाला जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने पावर हाउस के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि नदी का बाढ़ का पानी सीधे पावर हाउस में आ गया है। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बिजली सप्लाई कभी भी पूरी तरह बंद हो सकती है। हालांकि, तीन पंपिंग मोटरों से पानी निकालने का काम लगातार चल रहा है, लेकिन तेज बहाव के कारण संकट बना हुआ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने गुरुवार सुबह बताया। उन्होंने कहा कि डैम से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों और गांवों के घरों में पानी भर गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तैयारी से राहत और बचाव के कामों में लगा हुआ है। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ से फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और मदद पहुंचाने के लिए SDRF (एसडीआरएफ) की टीम बुलाई गई है। यह टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर काम संभाल लेगी। इसके अलावा, पावर हाउस से पानी निकालने की कोशिशें भी जारी हैं। जब तक पानी का स्तर नीचे नहीं आता, तब तक बिजली सप्लाई चालू करना मुश्किल होगा। पानी तभी कम होने की उम्मीद है, जब डैम के फाटक बंद होंगे।

