ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच पहले से ही चल रही तनावपूर्ण स्थिति अब और गंभीर हो गई है क्योंकि दोनों देशों ने एक बार फिर हमलों का सिलसिला शुरू कर दिया है। मंगलवार को ईरान पर अमेरिकी हमलों में 19 लोग मारे गए हैं। वहीँ करीब 50 लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि इन हमलों में निर्दोष नागरिक भी मारे गए हैं। हालांकि अमेरिका की सेना ने नागरिकों पर हमलों से इनकार किया है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। इनमें जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात – यूएई, कुवैत, बहरीन और इराक का स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र शामिल हैं। इसी बीच ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार ने अमेरिका को धमकी दी है।
ईरान की नई रणनीति अमेरिका की नींव हिलाकर रख देगी
ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई (Mohsen Rezaei) ने फिर से हमले शुरू करने पर अमेरिका को धमकी दी है। रेज़ाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “इस तरह हाथ-पैर मारने से न सिर्फ आप (अमेरिका) उस भयानक दलदल से बाहर नहीं निकल पाएंगे जिसे आपने खुद अपने लिए बनाया है, बल्कि जल्द ही आप देखेंगे कि युद्ध के मैदान, कूटनीति और आर्थिक घेराबंदी का मुक़ाबला करने के मामले में ईरान की नई रणनीति अमेरिका की नींव ही हिलाकर रख देगी।”
ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं करेगा अमेरिका
एक बार फिर जंग शुरू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी देते हुए जवाबी हमले न करने की सलाह दी है। इसी बीच हाल ही में व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की संभावना को खारिज कर दिया है? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, “ईरान सैन्य रूप से पूरी तरह हार चुका है। मैंने उन्हें हरा दिया और अब मुझे उन पर परमाणु हथियार का इस्तेमाल करना चाहिए? यह कितना बेवकूफी भरा सवाल है।”

