मंडला जिला मुख्यालय में बुधवार को हलषष्ठी पर्व पर सैकड़ों अतिथि शिक्षकों ने भारी बारिश के बीच विशाल रैली निकाली। उन्होंने नियमित रोजगार समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला अतिथि शिक्षकों ने धरना स्थल पर हलषष्ठी पूजा भी की। उन्होंने सरकार से अतिथि शिक्षकों के भविष्य पर ठोस फैसला लेने की मांग की। अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष पीडी खैरवार ने बताया कि उन्हें अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि आदेश चाहिए। उन्होंने 2018 में डॉ. मोहन यादव द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे पत्र का जिक्र किया। साथ ही, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 2 सितंबर 2023 की घोषणा और शिक्षामंत्री राव उदय प्रताप सिंह के हालिया आश्वासन का भी हवाला दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 2023 में 12 महीने मानदेय, 62 साल तक रोजगार और पद खाली नहीं माने जाने की घोषणा हुई थी। हालांकि, इन मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रैली के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले भी अतिथि शिक्षकों के साथ सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सहायक आयुक्त अरुण शुक्ला से कई मुद्दों पर बात की। इनमें जिले में अतिथि शिक्षक भर्ती में कथित गड़बड़ी, स्कोर कार्ड में अनुभव अंक की कटौती, मानदेय में देरी और कटौती शामिल थी। साथ ही, लंबित आवेदनों के निपटारे में देरी का मुद्दा भी उठाया गया। सहायक आयुक्त ने आश्वासन दिया कि एक हफ्ते में मिले आवेदनों का निपटारा कर दिया जाएगा। अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों में 12 महीने और 62 साल की स्थाई नीति बनाने की बात कही। उन्होंने अनुभव के अंक जोड़ने, नियमितीकरण, मानदेय बढ़ाने और हर महीने समय पर भुगतान की मांग की। इसके अलावा, भर्ती से जुड़ी कमियों को दूर करने की भी अपील की गई। प्रदर्शन खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

