चंदौली के धानापुर क्षेत्र में सरकारी रिकॉर्ड की एक बड़ी कथित गड़बड़ी सामने आई है। खड़ान गांव के एक गरीब परिवार के चार सदस्यों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिए जाने का आरोप लगा है। जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने वीडियो जारी कर दावा किया कि परिवार के मुखिया मुन्ना पासवान, उनकी पत्नी और दो बच्चों को राशन कार्ड में मृत दिखाने के कारण उनका राशन कार्ड बंद हो गया है। मामले को लेकर उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल जांच और सुधार की मांग की है। मुन्ना पासवान समेत पूरे परिवार को बताया मृत जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह के अनुसार, खड़ान गांव निवासी मुन्ना पासवान, उनकी पत्नी और दो बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और किसी तरह परिवार का गुजारा कर रहे हैं। आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में परिवार के चारों सदस्यों को मृत दर्ज कर दिया गया। इसके चलते परिवार का राशन कार्ड बंद हो गया और उन्हें सरकारी राशन मिलने में परेशानी हो रही है। गरीब परिवार के सामने राशन का संकट अंजनी सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के साथ इस तरह की कथित लापरवाही गंभीर मामला है। उनका कहना है कि परिवार पहले से ही सीमित संसाधनों में जीवनयापन कर रहा है और राशन कार्ड बंद होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से परिवार के नाम और रिकॉर्ड को तत्काल सही कराने की मांग की है। वीडियो जारी कर अधिकारियों पर जताई नाराजगी जिला पंचायत सदस्य ने वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की। अंजनी सिंह ने कहा कि गरीब और कमजोर लोगों के साथ इस तरह की कथित लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। अन्य सरकारी कामों में भी अनियमितता का आरोप अंजनी सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य, राशन, पेंशन, किसान सम्मान निधि, जमीन की पैमाइश और खतौनी संशोधन समेत कई सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। नहीं हुई कार्रवाई तो तहसील घेरने की चेतावनी जिला पंचायत सदस्य ने चेतावनी दी कि यदि मुन्ना पासवान और उनके परिवार की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सकलडीहा तहसील का घेराव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी तहसील और जिला प्रशासन की होगी। जिला आपूर्ति अधिकारी से नहीं हो सकी बात मामले में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए जिला आपूर्ति अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। प्रशासनिक पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परिवार को सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे दर्ज किया गया और राशन कार्ड बंद होने के पीछे क्या कारण रहा।

