नानी बाई रो मायरो: नरसी भक्त की अटूट आस्था ने भावविभोर किया, भजनों से कृष्णमय हुआ वातावरण

नानी बाई रो मायरो: नरसी भक्त की अटूट आस्था ने भावविभोर किया, भजनों से कृष्णमय हुआ वातावरण

भगवान को भक्त का प्रेम और समर्पण चाहिए
नानी बाई रो मायरो की कथा में भक्तिभाव से ओतप्रोत प्रसंगों का वर्णन करते हुए कथावाचिका सुभद्रा कृष्ण ने कहा कि भक्त के लिए रात क्या और दिन क्या, जब हृदय में ठाकुरजी के प्रति अटूट श्रद्धा और प्रेम हो तो हर समय प्रभु की भक्ति में बीतता है। कथा के दौरान ठाकुरजी के भक्त के लिए मायरा भरने जाने के भावपूर्ण प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचिका ने कहा कि हमारे पास यदि कुछ सबसे अनमोल है तो वह हरि का नाम है।

मेरे प्यारो नंदलाल…
मेरे प्यारो नंदलाल… जैसे भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने कृष्ण प्रेम में भाव-विभोर होकर भक्ति का आनंद लिया। कृष्ण का रस अत्यंत मधुर है और भगवान सदैव अपने भक्तों को प्राप्त करने का मार्ग सिखाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भी शरणागति और समर्पण का संदेश दिया। जिस भाव से हम परमात्मा को देखते हैं, उसी भाव से परमात्मा की अनुभूति होती है। कथावाचिका सुभद्रा कृष्ण ने कहा कि जिसके पास संसार की सारी संपत्ति होती है, वह भी प्रेम का भूखा हो सकता है। भगवान को धन-दौलत नहीं, बल्कि भक्त का प्रेम और समर्पण चाहिए। इसलिए जीवन में संयम रखना चाहिए और अहंकार का त्याग करना चाहिए।

ओ म्हारा सांवरिया जी सेठ…
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि भगवान से अनेक सांसारिक वस्तुएं मांगने के बजाय स्वस्थ शरीर और सद्बुुद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए। भक्ति जीवन को भीतर से बदलने वाली शक्ति है। नरसी भक्त के जीवन के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भक्ति का प्रभाव ऐसा होता है कि असंभव दिखाई देने वाले कार्य भी प्रभु की कृपा से संभव हो जाते हैं। कथा के दौरान ओ म्हारा सांवरिया जी सेठ… जैसे भजनों से वातावरण कृष्णमय हो गया और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *