सोनीपत जिले के खरखौदा में जटोला रोड पर स्थित रियल प्लाई इंडस्ट्रीज में एक घटना हुई। यहां ड्यूटी के दौरान गर्म केमिकल गिरने से रेजिन ऑपरेटर धर्मनाथ यादव गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद खरखौदा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कानूनी कार्रवाई मृतक की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत और आवेदन के आधार पर की गई है। पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, उत्तर प्रदेश के भदोही निवासी धर्मनाथ यादव पिछले 11-12 साल से इस प्लाईवुड फैक्ट्री में रेजिन ऑपरेटर के पद पर काम कर रहे थे। 14 मार्च को ड्यूटी के दौरान केमिकल युक्त रेजिन तैयार करते समय अचानक उसमें उबाल आ गया। इस दौरान लगभग 115-125 डिग्री तापमान का खौलता हुआ केमिकल उनके शरीर पर गिर गया। गंभीर रूप से झुलसी हालत में उन्हें पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया, जहां 20 मार्च को उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी प्रमिला देवी ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने कर्मचारियों को जरूरी सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट), सुरक्षा व्यवस्था या अन्य सेफ्टी फीचर्स नहीं दिए थे। उन्होंने यह भी बताया कि 11-12 साल काम करने के बावजूद प्रबंधन ने उनके पति को कोई पहचान पत्र, सैलरी स्लिप, ईपीएफओ या ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं दी थीं। सीएम से लगाई थी निष्पक्ष जांच और एफआईआर की गुहार स्थानीय स्तर पर मामला दर्ज न होने की आशंका और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा साक्ष्य नष्ट किए जाने के डर से पीड़िता ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक आलोक अग्रवाल, निदेशक आशीष अग्रवाल उर्फ जॉनी बाबू और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर, सीसीटीवी फुटेज और अटेंडेंस-वेज रजिस्टर जब्त करने तथा परिवार के लिए मुआवजे की मांग की थी। पुलिस कार्रवाई व मुकदमा दर्ज मुख्यमंत्री कार्यालय और प्राप्त परिवाद के आधार पर खरखौदा थाना पुलिस ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि शिकायत और जांच के आधार पर 2 सितंबर को थाना खरखौदा में धारा 106 BNS (लापरवाही से मौत) के तहत एफआईआर नंबर 492 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की भी पड़ताल की जा रही है।

