चित्रकूट में बुधवार को एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और दोपहर 2 बजे तक खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण, डीआईजी राजेश कुमार और कमिश्नर अजीत कुमार चित्रकूट पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने व्यापारियों, स्थानीय दुकानदारों और लोगों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की। मंदाकिनी नदी के किनारे बसे इलाकों और घाटों पर प्रशासन की खास नजर बनी हुई है। अधिकारियों ने लोगों से कहा कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए किसी भी तरह का जोखिम न लें और समय रहते अपने घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों पर पहुंच जाएं। एडीजी जोन ज्योति नारायण ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। इससे प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है, लेकिन राहत और बचाव के लिए पूरा प्रशासन सक्रिय है। पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल लगातार प्रभावित इलाकों में नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने रैन बसेरों में रुकने की व्यवस्था की है। जिन लोगों के पास भोजन का इंतजाम नहीं है, उन्हें लंच पैकेट दिए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी लोगों की जरूरतों की जानकारी लेकर राहत सामग्री पहुंचाने का इंतजाम भी कर रहे हैं। एडीजी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम भी राहत और बचाव काम में लगी हुई है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को नदी व पानी भरे इलाकों से दूर रखने की अपील की गई है। मंदाकिनी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव काम तेज कर दिया है।

