हाल तक दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन फैशन रिटेलर रहा चीन का ब्रांड शीन अब निवेशकों की नजरों से उतरता नजर आ रहा है। मंगलवार को हॉन्गकॉन्ग में लिस्टिंग के पहले ही दिन कंपनी के शेयर 6 फीसदी गिर गए। कभी 100 अरब डॉलर (9.5 लाख करोड़ रुपए) की आंकी गई कंपनी सिर्फ करीब एक-चौथाई वैल्युएशन पर शेयर बाजार में उतरी है। एलेथिया कैपिटल के निर्गुनन तिरुचेल्वम कहते हैं कि शीन का ‘स्पीड-टेक’ मॉडल अब पुराना पड़ चुका है। वजह साफ है – निवेशकों की दिलचस्पी एआई कंपनियों में शिफ्ट हो गई है। आप देख सकते हैं कि शीन की लिस्टिंग से ठीक पहले यूनिट्री रोबोटिक्स और सीएक्सएमटी जैसी चीन की ही एआई कंपनियों के शेयरों ने शंघाई में शानदार छलांग लगाई थी। एक दिक्कत और है, शीन को अमेरिका और यूरोप में टैरिफ छूट खत्म होने की मार भी झेलनी पड़ी है। इससे उसका सस्ते दामों वाला मॉडल कमजोर पड़ने लगा है। संस्थागत निवेशकों ने भी इस बार दूरी बनाए रखी। लिस्टिंग-पूर्व ऑफर किए गए शेयरों में से सिर्फ 20% ही खरीदे गए, जबकि लोकप्रिय लिस्टिंग में यह आंकड़ा आमतौर पर करीब 50% रहता है। विलसन सनसिनी के वेइहेंग चेन कहते हैं, ‘यह एक ऐसी फैशन कंपनी है जो आज के निवेशकों को फैशनेबल नहीं लगती।’ ‘चाइना लेबर वॉच’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शीन के लिए कपड़े बनाने वाले मजदूर लगातार 20 दिन तक बिना छुट्टी काम करते हैं और उन्हें प्रति आइटम सिर्फ 7 से 28 सेंट (6.65 से 26.59 रुपए) मिलते हैं। हफ्ते में 100 घंटे तक काम होना आम बात है, जबकि चीन की सामान्य फैक्ट्रियों में यह सीमा करीब 60 घंटे है। हालांकि शीन ने इन दावों को खारिज किया है। शीन की मुश्किलें सिर्फ फैक्ट्री तक सीमित नहीं हैं। कंपनी उन युवा ग्राहकों को भी खोती जा रही है, जिन्होंने महामारी के दौर में उसे रफ्तार दी थी। रिसर्च फर्म कंज्यूमर एज के माइकल गुंथर के मुताबिक, अमेरिका में 18-34 साल के ग्राहकों में शीन की बाजार हिस्सेदारी सबसे तेजी से घट रही है। कीमतों में बढ़ोतरी और सस्टेनेबिलिटी (पर्यावरण के अनुकूल प्रोडक्ट) को लेकर चिंता इसकी बड़ी वजह है। जूम जैसा हाल; अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप में ग्रोथ धीमी अमेरिका के साथ ही ब्रिटेन में भी शीन की ग्रोथ धीमी पड़ी है, जबकि यूरोप में पार्सल पर लगने वाली फीस के चलते फ्रांस और स्पेन में उसकी हिस्सेदारी में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। डिजाइन कॉपी करने के आरोपों को लेकर कंपनी पर अमेरिका में 2021 से अब तक 58 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। चाइना इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के पूर्व अधिकारी विंस्टन मा इसकी तुलना जूम से करते हैं। महामारी के दौर की सुपरहिट यह कंपनी अब पुराने जमाने की चीज बनकर रह गई है।
फैशन ब्रांड शीन को झटका:9.5 लाख करोड़ की कंपनी की लिस्टिंग सिर्फ 25% कीमत पर; वजह- निवेशक एआई में पैसे लगा रहे

