Pallor Skin: चेहरा, होंठ और नाखून पड़ने लगे सफेद और पीला ? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें जानें पैलोर के कारण और संकेत

Pallor Skin: चेहरा, होंठ और नाखून पड़ने लगे सफेद और पीला ? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें जानें पैलोर के कारण और संकेत

Pallor Skin Cause: क्या आपने कभी शीशे में देखते हुए महसूस किया है कि आपकी त्वचा का असली निखार अचानक गायब हो गया है? या फिर होंठ, मसूड़े और नाखूनों के नीचे की कुदरती लाली अचानक फीकी, सफेद या पीली दिखने लगी है? क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, त्वचा और म्यूकस मेंब्रेन (जैसे आंखों की अंदरूनी परत या मसूड़ों) के इस तरह सफेद या फीके पड़ जाने को पैलोर (Pallor) कहा जाता है। अक्सर लोग इसे सिर्फ धूप न मिलने, मौसम के बदलाव या थोड़ी बहुत सुस्ती समझकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन चेहरे और नाखूनों का रंग फीका पड़ना शरीर के अंदर चल रही किसी बड़ी गड़बड़ी का इशारा हो सकता है। आइए समझते हैं कि पैलोर आखिर क्या है, यह क्यों होता है और शरीर में इसके क्या-क्या संकेत दिखाई देते हैं।

क्या होता है पैलोर (Pallor)?

साइंसडायरेक्ट के मुताबिक, पैलोर का मतलब है रंगत का उड़ जाना या त्वचा का सफेद/पीला सा दिखाई देना। हमारी त्वचा और होठों को जो हल्की गुलाबी या चमकदार लाली मिलती है, वह खून में मौजूद हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) की वजह से होती है। हीमोग्लोबिन ही शरीर की नसों में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब किसी वजह से त्वचा की ऊपरी सतह तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता या खून में हीमोग्लोbin और लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की कमी हो जाती है, तो त्वचा की लाली गायब होने लगती है। पैलोर किसी का स्थायी रंग नहीं है, बल्कि यह शरीर का एक ‘अलार्म’ या संकेत है कि अंदर कुछ सही नहीं चल रहा है।

शरीर के किन हिस्सों में सबसे पहले दिखता है असर?

  • नाखून (Nail Beds)।
  • होठ और मसूड़े।
  • निचली पलक का अंदरूनी हिस्सा।
  • हथेली और जीभ।

चेहरा, होंठ और नाखून सफेद या पीले पड़ने के मुख्य कारण

क्लीवलैंड क्लिनिक और साइंसडायरेक्ट मेडिकल रिसर्च के अनुसार, पैलोर होने की कई वजहें हो सकती हैं कुछ बेहद सामान्य होती हैं, तो कुछ सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं;

  • एनीमिया (शरीर में खून की कमी)।
  • खराब ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार में रुकावट)।
  • अंदरूनी या अचानक खून बह जाना (Acute Blood Loss)।
  • पोषक तत्वों की कमी (Nutritional Deficiencies)।
  • लंबे समय से चली आ रही बीमारियां (Chronic Illness)।
  • डर, सदमा या अचानक घबराहट (Shock or Stress)।

पैलोर के साथ दिखने वाले अन्य लक्षण

  • लगातार थकान और कमजोरी।
  • सांस फूलना
  • चक्कर आना या सिर घूमना।
  • हाथ और पैर ठंडे रहना।
  • दिल की धड़कन तेज होना।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

  • अचानक से चक्कर खाकर बेहोश हो जाना।
  • छाती में तेज दर्द होना या सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होना।
  • उल्टी या शौच (Potty) में खून आना।
  • शरीर के किसी एक ही हाथ या पैर का अचानक पूरी तरह पीला और ठंडा पड़ जाना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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