बिहार-झारखंड सीमा से सटे गया जिले के जंगल और पहाड़ी इलाकों में 15 लाख रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ किरानी उर्फ नंदू के सक्रिय होने की सूचना से सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ गई है। सूचना मिलने के बाद बिहार और झारखंड पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती जंगलों में निगरानी और सर्च अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां नक्सली गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं को जुटाने के साथ संदिग्ध इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार नितेश यादव अपने चार साथियों के साथ गया जिले के दुर्गम जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में कैंप कर रहा है। उसके साथियों के हथियारों से लैस होने की बात भी सामने आ रही है। सुरक्षा बलों से बचने के लिए नक्सलियों के लगातार ठिकाने बदलने की सूचना है। बताया जा रहा है कि वे रात के समय एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवाजाही कर रहे हैं। हुसैनाबाद पुलिस ने घर पर चस्पाया इश्तेहार झारखंड के हुसैनाबाद थाना पुलिस ने मैगरा थाना क्षेत्र के तरवाडीह गांव पहुंचकर नितेश यादव के घर पर न्यायालय से निर्गत इश्तेहार चस्पाया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नितेश की गतिविधियों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ संभावित ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य इनामी नक्सली नितेश और उसके साथियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार करना है, ताकि गया के सीमावर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण कायम किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट नितेश को बिहार और झारखंड में लंबे समय से सक्रिय नक्सली के रूप में बताया जाता है। झारखंड सरकार की ओर से उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि सीमा से लगे दुर्गम जंगलों का फायदा उठाकर नक्सली अपनी गतिविधियों को अंजाम देने और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बचने का प्रयास कर सकते हैं। बिहार-झारखंड सीमा से सटे गया जिले के जंगल और पहाड़ी इलाकों में 15 लाख रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ किरानी उर्फ नंदू के सक्रिय होने की सूचना से सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ गई है। सूचना मिलने के बाद बिहार और झारखंड पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती जंगलों में निगरानी और सर्च अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां नक्सली गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं को जुटाने के साथ संदिग्ध इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार नितेश यादव अपने चार साथियों के साथ गया जिले के दुर्गम जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में कैंप कर रहा है। उसके साथियों के हथियारों से लैस होने की बात भी सामने आ रही है। सुरक्षा बलों से बचने के लिए नक्सलियों के लगातार ठिकाने बदलने की सूचना है। बताया जा रहा है कि वे रात के समय एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवाजाही कर रहे हैं। हुसैनाबाद पुलिस ने घर पर चस्पाया इश्तेहार झारखंड के हुसैनाबाद थाना पुलिस ने मैगरा थाना क्षेत्र के तरवाडीह गांव पहुंचकर नितेश यादव के घर पर न्यायालय से निर्गत इश्तेहार चस्पाया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नितेश की गतिविधियों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ संभावित ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य इनामी नक्सली नितेश और उसके साथियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार करना है, ताकि गया के सीमावर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण कायम किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट नितेश को बिहार और झारखंड में लंबे समय से सक्रिय नक्सली के रूप में बताया जाता है। झारखंड सरकार की ओर से उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि सीमा से लगे दुर्गम जंगलों का फायदा उठाकर नक्सली अपनी गतिविधियों को अंजाम देने और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बचने का प्रयास कर सकते हैं।

