सोनभद्र के चोपन विकासखंड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह की सहायक अध्यापिका मीरा सिंह का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ है। शासन की ओर से जारी 61 शिक्षकों की सूची में सोनभद्र से सिर्फ मीरा सिंह को शामिल किया गया है। उनके चयन से शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा परिवार में खुशी का माहौल है। 2011 में शुरू किया शिक्षण करियर मीरा सिंह ने डायट सोनभद्र से बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2011 में प्राथमिक विद्यालय चोपन से शिक्षण कार्य शुरू किया। वर्ष 2015 में उन्हें प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति मिली। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय यादव बस्ती में सेवाएं दीं। वर्ष 2025 के समायोजन के बाद वर्तमान में वह उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। आर्ट एंड क्राफ्ट से आसान बनाती हैं पढ़ाई मीरा सिंह को रचनात्मक और नवाचार आधारित शिक्षण के लिए जाना जाता है। वह आर्ट एंड क्राफ्ट तथा टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) के माध्यम से कठिन विषयों को गतिविधियों, मॉडल और प्रयोगों से जोड़कर बच्चों के लिए आसान बनाती हैं। उनकी कक्षा में ‘करके सीखो’ पद्धति पर विशेष जोर रहता है। बच्चों में बढ़ती है सीखने की रुचि मीरा सिंह के अनुसार उनका उद्देश्य बच्चों को बेहतर और प्रभावी शिक्षा देना है। वह पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों के अनुभवों से जोड़कर पढ़ाती हैं। इससे बच्चों में जिज्ञासा, सहभागिता और कल्पनाशीलता के साथ सीखने की रुचि भी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए वह आगे भी इसी तरह लगातार प्रयास करती रहेंगी। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने मीरा सिंह को बधाई दी। सोनभद्र से एकमात्र शिक्षक के रूप में उनका चयन जिले के लिए भी गौरव की बात माना जा रहा है।

