मंगलवार को गोरखपुर शहर का एक वीडियो वारयल हुआ, जिसमें सपा के वरिष्ठ नेता एवं गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे जफर अमीन डक्कू का कुछ महिलाएं विरोध कर रही हैं। महिलाएं डक्कू पर जमीन कब्जा करने के प्रयास का आरोप लगा रही थीं। इस मामले में सपा नेता का कहना है कि महिलाओं का आरोप पूरी तरह गलत है। मैं अपनी जमीन से मलबा हटाने और निर्माण कराने पहुंचा था। 3 दिन पहले पुलिस की मौजूदगी में इन महिलाओं ने निर्माण को लेकर सहमति दी थी लेकिन आज झूठा आरोप लगाते हुए विरोध पर उतर आयीं। मेरे पास जमीन के सारे कागज मौजूद हैं। वायरल वीडियो राजघाट क्षेत्र के खोखर टोला का बताया जा रहा है। वीडियो में सपा नेता जफर अमीन डक्कू, सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी एवं डक्कू के कुछ समर्थक नजर आ रहे हैं। वे एक जमीन पर पड़े मलबे को हटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन तीन महिलाएं एवं कुछ पुरुष वहां इसका विरोध कर रहे हैं। इस वीडियो में महिलाएं काफी आक्रोशित नजर आ रही हैं। सपा नेता के लिए अपशब्दों का प्रयोग भी वीडियो में सुनाई दे रहा है। महिलाएं मारने-पीटने का आरोप लगा रही हैं लेकिन ऐसी कोई घटना वीडियो में नजर नहीं आ रही।
सपा नेता के कुछ समर्थक मलबा हटाने की कोशिश करते हैं तो महिलाएं उनसे मलबा छीन लेती हैं। उनका आरोप है कि यह सरकारी जमीन है और इस पर सपा नेता जबरन कब्जा करना चाहते हैं। कुछ देर बाद वहां पुलिस आ जाती है। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करती है। शुरू में मलबा हटाने की कोशिश कर रहे समर्थक किनारे हट जाते हैं। जानिए महिलाओं के आरोप पर सपा नेता ने क्या कहा? सपा नेता जफर अमीन डक्कू ने कहा कि उन्होंने 2017 में एक जमीन खरीदी थी। उसका आधा हिस्सा उनके कब्जे में है और आधे हिस्से में किराएदार है। सपा नेता का कहना है कि उनके हिस्से में 35 साल से कोई रहता नहीं है। मोहल्ले के लोगों ने नगर निगम में शिकायत की थी कि मकान जर्जर है, उसे ध्वस्त कर दिया जाए। जिसके बाद निगम ने 2020 में सपा नेता को नोटिस दिया कि मकान को ध्वस्त करा दिया जााए। 2023 में फिर नोटिस दिया गया। इसके बाद चेतावनी दी गई कि यदि मकान नहीं गिरवाएंगे तो नगर निगम गिरवा देगा और उसका खर्च सपा नेता से वसूल किया जाएगा। जिसके बाद वह हिस्सा गिरवा दिया गया। उसका मलबा पड़ा है।
सपा नेता डक्कू का कहना है कि किराएदार एक हिस्से में हैं। वे कोर्ट गए लेकिन स्टे नहीं मिला। उनसे कागज मांगा गया तो कागज नहीं दिखा सके। पुलिस के सामने भी मामला गया। स्टे का कागज मांगा गया लेकिन वे नहीं दिखा सके। मलबा हटाने के लिए भी कहा गया। तीन दिन पहले मौके पर इंसपेक्टर भी पहुंचे थे। उनके सामने किराएदारों ने कहा कि यह जमीन रजिस्ट्री कर दें। बाद में बातचीत के बाद किराएदारों ने कहा कि हमें डिस्टर्ब किए बिना ये बनवा सकते हैं। सपा नेता का कहना है कि पुलिस के सामने यह बात हुई थी। 3 दिन बाद आज जब बनवाने गए तो वही महिलाएं विरोध करने लगीं। सबने देखा, वे अभद्र व्यवहार कर रही थीं। इस मामले में सीओ ने बुलाया है। मेरे पास पूरे कागज हैं। मैं वहां जाकर कागज दिखाउंगा। दोनों पक्षों के बुलाया गया है : सीओ
सीओ कोतवाली ओंकार दत्त त्रिपाठी ने कहा कि यह जमीन से जुड़ा मामला है। वहां कोई मारपीट नहीं हुई। दोनों पक्षों को कागज के साथ कार्यालय बुलाया गया है।

