अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को पत्र लिखकर बोइंग विमान खरीदने के फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। बांग्लादेश PM तारिक रहमान के नाम से 31 अगस्त को लिखी इस चिट्ठी में ट्रम्प ने लिखा, प्रिय प्रधानमंत्री, मुझे बोइंग विमान खरीदने से संबंधित आपकी चिट्ठी मिली। मैं इस फैसले की बहुत तारीफ करता हूं। बोइंग आपको निराश नहीं करेगा और मैं भी इसे नहीं भूलूंगा। मैं आपसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं। अमेरिका से 25 बोइंग प्लेन खरीदने की तैयारी में बांग्लादेश बांग्लादेश के पास अभी 14 बोइंग प्लेन हैं। बांग्लादेश ने अप्रैल 2026 में 14 नए बोइंग विमान का ऑर्डर भी दिया था। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 30 अगस्त को बताया था कि ट्रम्प और रहमान के बीच बोइंग विमानों को लेकर बड़ी डील हुई है। इसके तहत बांग्लादेश 25 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी टैरिफ से राहत पाने के लिए डील हुई बांग्लादेश की बोइंग खरीद सिर्फ अपनी एयरलाइन का बेड़ा बढ़ाने की योजना नहीं है। इसका एक बड़ा मकसद अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करना और अमेरिकी टैरिफ में राहत पाना भी है। इसी वजह से बोइंग विमान खरीदने का मुद्दा दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों से भी जुड़ गया है। जब अमेरिका ने बांग्लादेश के सामान पर 37% टैरिफ लगाने की बात कही, तो बांग्लादेश ने अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान बोइंग से 25 विमान खरीदने की बात सामने आई। बाद में बांग्लादेश ने बोइंग के 14 विमानों का सौदा पक्का किया। इसकी कीमत करीब 3.7 अरब डॉलर है। इसमें 8 बोइंग 787-10, 2 बोइंग 787-9 और 4 बोइंग 737-8 MAX विमान शामिल हैं। पहला विमान नवंबर 2031 में मिलने की उम्मीद है। इस सौदे में अमेरिका का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक भी मदद करेगा। बैंक लोन की व्यवस्था करेगा और बांग्लादेश सरकार इस लोन की गारंटी देगी। ट्रम्प के दौर में हुईं बड़ी बोइंग डील ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में बांग्लादेश के अलावा कम से कम 6 देशों ने अमेरिका से बोइंग के विमान खरीदने का ऐलान किया है। 1. सऊदी अरब: मई 2025 में ट्रम्प की सऊदी अरब यात्रा के दौरान सऊदी कंपनी एविलीज ने बोइंग के 20 विमान खरीदने का पक्का ऑर्डर दिया। कंपनी ने 10 और विमान खरीदने का विकल्प भी रखा। 2. कतर: मई 2025 में ट्रम्प की कतर यात्रा के दौरान कतर एयरवेज और बोइंग के बीच 210 विमानों तक का समझौता हुआ। व्हाइट हाउस ने इसे दोनों देशों के बीच बड़े आर्थिक समझौतों का हिस्सा बताया। 3. इंडोनेशिया: जुलाई 2025 में अमेरिका से 50 बोइंग विमान खरीदने का वादा किया। इसके बदले अमेरिका ने इंडोनेशियाई सामान पर टैरिफ में कटौती की। 4. जापान: जुलाई 2025 में अमेरिका-जापान व्यापार समझौते के तहत जापान ने 100 प्लेन खरीदने की बात कही। इनमें बोइंग विमान शामिल हैं। 5. चीन: मई 2026 में ट्रम्प ने कहा कि चीन 200 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। बाद में बोइंग ने भी इसकी पुष्टि की। 6. साउथ कोरिया: अगस्त 2025 में साउथ कोरिया ने 103 बोइंग विमान खरीदने का ऐलान किया। इसके बाद ट्रम्प ने उन पर लगा 25% टैरिफ घटाकर 10% कर दिया। ट्रम्प बोइंग विमान खरीदने पर क्यों जोर देते हैं अमेरिका में बड़े यात्री विमान बनाने वाली मुख्य कंपनी बोइंग ही है। वहां दूसरी विमान कंपनियां भी हैं, लेकिन वे ज्यादातर सैन्य या छोटे विमानों के कारोबार में हैं। बड़े यात्री विमानों के मामले में बोइंग ही अमेरिका की बड़ी कंपनी है और उसका सबसे बड़ा मुकाबला यूरोप की एयरबस से है। ट्रम्प की व्यापार नीति का सबसे बड़ा मकसद ही यही है कि दूसरे देश अमेरिका से ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदें। इससे अमेरिका का व्यापार घाटा कम हो सकता है और अमेरिकी कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं। यहां बोइंग बहुत काम आती है, क्योंकि एक यात्री विमान की कीमत ही करोड़ों डॉलर होती है। अगर कोई देश 50, 100 या 200 विमान खरीदने का सौदा करता है तो अमेरिका से होने वाली खरीद का आंकड़ा एक झटके में अरबों डॉलर बढ़ जाता है। इसका फायदा सिर्फ बोइंग को नहीं मिलता। इनके निर्माण से वहां की फैक्ट्रियों, इंजीनियरों और दूसरे कामगारों को रोजगार मिलता है। उदाहरण के लिए, व्हाइट हाउस ने दक्षिण कोरिया की 103 बोइंग विमानों की डील को करीब 36.2 अरब डॉलर का बताया और कहा कि इससे अमेरिका में करीब 1.35 लाख नौकरियों को मदद मिलेगी। ——————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…
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