Nepal Flood Survivor: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच कई ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं जो किसी भी इंसान को झकझोर दें। ऐसी ही एक दर्दनाक कहानी बद्री प्रसाद देवकोटा की है। वह अपनी पत्नी और 34 अन्य लोगों के साथ गोसाइंकुंड की यात्रा पर जा रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार बस के सामने कीचड़ से भरा बाढ़ का पानी आ गया। देवकोटा ने जान बचाने के लिए चलती बस से छलांग लगा दी, लेकिन उनकी पत्नी बस से नहीं उतरीं। देखते ही देखते बाढ़ का पानी बस को अपने साथ बहा ले गया।
देवकोटा ने बताया कि बस काफी तेज रफ्तार में चल रही थी। इसी दौरान उन्हें सामने से तेज बहाव के साथ कीचड़ से भरा पानी आता दिखाई दिया। उस वक्त उनकी पत्नी उनका हाथ पकड़े हुए थीं। उन्होंने पत्नी से बस से कूदने को कहा। देवकोटा के मुताबिक, पत्नी ने ऐसा करने से मना कर दिया और उनसे बस से नीचे नहीं उतरने को कहा। देवकोटा ने उन्हें समझाया कि बाढ़ का पानी बस को डुबो देगा और दोनों की जान जा सकती है। लेकिन पत्नी नहीं मानीं। इसके बाद देवकोटा ने अपना हाथ छुड़ाया और चलती बस से छलांग लगा दी।
पानी के तेज बहाव में बह गए देवकोटा
बस से कूदने के बाद देवकोटा खुद भी बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि नुवाकोट के भैंसे इलाके में भोटेकोशी नदी का पानी बेहद तेजी से बह रहा था। पानी का तेज बहाव उन्हें एक नाले की तरफ ले गया। देवकोटा ने किसी तरह पेड़ों और पहाड़ी पर मौजूद वनस्पतियों को पकड़कर अपनी जान बचाई। लेकिन इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को बचाने का मौका खो दिया। उनके मुताबिक, उनकी आंखों के सामने वह बस बाढ़ के पानी में डूब गई, जिसमें उनकी पत्नी सवार थीं।
बस में सवार 28 लोग अब भी लापता
द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बस में देवकोटा और उनकी पत्नी समेत कुल 36 लोग यात्रा कर रहे थे। इनमें से अब तक दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोग अब भी लापता हैं।
देवकोटा की पत्नी भी लापता लोगों में शामिल हैं। वह लगातार अपनी पत्नी की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ के तेज बहाव में बस के बह जाने और डूबने की घटना को देखते हुए उनकी पत्नी के जिंदा मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। हालांकि, परिवार अब भी उनकी तलाश में जुटा है।
नेपाल में बाढ़ से तबाही
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अलग-अलग इलाकों से लोगों के लापता होने और मौत की खबरें सामने आ रही हैं। कई परिवार अपने अपनों की तलाश में जुटे हैं। रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। लेकिन तेज बहाव, मलबे और खराब हालात के कारण बचाव टीमों के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में देवकोटा जैसे कई परिवार अपने लापता परिजनों के वापस लौटने का इंतजार कर रहे हैं।




