खगड़िया में बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बांधों की सुरक्षा पर निगरानी बढ़ा दी है। मंगलवार को जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने खगड़िया प्रखंड की जलकौड़ा पंचायत में खड़गी-तेरासी बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा और रखरखाव का जायजा लिया। डीएम ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से बांध की स्थिति और संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने बांध की लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया। खासकर संवेदनशील जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने और कहीं कटाव, रिसाव या क्षति की आशंका होने पर तत्काल बचाव के उपाय करने को कहा। बांध की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बांध की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जरूरी संसाधन पहले से तैयार रखने को कहा डीएम ने कहा कि खतरे की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी संसाधन और व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव और सुरक्षा कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी और सावधानी से काम करने का निर्देश दिया। आसपास की आबादी की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता जिलाधिकारी ने कहा कि बांधों की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास रहने वाली आबादी की सुरक्षा प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। खगड़िया में बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बांधों की सुरक्षा पर निगरानी बढ़ा दी है। मंगलवार को जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने खगड़िया प्रखंड की जलकौड़ा पंचायत में खड़गी-तेरासी बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा और रखरखाव का जायजा लिया। डीएम ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से बांध की स्थिति और संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने बांध की लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया। खासकर संवेदनशील जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने और कहीं कटाव, रिसाव या क्षति की आशंका होने पर तत्काल बचाव के उपाय करने को कहा। बांध की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बांध की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जरूरी संसाधन पहले से तैयार रखने को कहा डीएम ने कहा कि खतरे की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी संसाधन और व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव और सुरक्षा कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी और सावधानी से काम करने का निर्देश दिया। आसपास की आबादी की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता जिलाधिकारी ने कहा कि बांधों की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास रहने वाली आबादी की सुरक्षा प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

