किशनगंज के दिघलबैंक थाना क्षेत्र के गोंगामेला गांव की सिमरन खातून ने अपने परिवार के साथ मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है। पीड़िता ने एसपी को एक आवेदन दिया है। इसमें कांड संख्या 579/2026 में निष्पक्ष जांच कराने, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और वर्तमान जांच अधिकारी को बदलने की गुहार लगाई गई है। आवेदन में पीड़िता ने बताया कि 26 अगस्त की रात करीब आठ बजे उनके साथ एक घटना हुई थी। इस संबंध में दिघलबैंक थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में सहंसता बेगम, मो. अफजल, मो. हैदर समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, जिसके बाद उनका इलाज कराया गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार जानिए पूरी घटना…. पीड़िता ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी अमन राज उन पर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि जांच अधिकारी ने उन्हें धमकी भी दी है। इससे वह और उनका परिवार डर और असुरक्षा में जी रहे हैं। पीड़िता ने आशंका जताई कि इस माहौल में वह अपना पक्ष और सबूत ठीक से नहीं रख पाएंगी। इससे जांच की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। एसपी को दिए आवेदन में पीड़िता ने मांग की है कि वर्तमान जांच अधिकारी की भूमिका की किसी सीनियर अधिकारी से जांच कराई जाए। मामले को दूसरे पुलिस अधिकारी को सौंपने की मांग साथ ही, निष्पक्ष जांच के लिए यह मामला किसी दूसरे सक्षम पुलिस अधिकारी को सौंपा जाए। इसके अलावा, FIR में नामजद सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, घटनास्थल की फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को सबूत के तौर पर शामिल करने की भी मांग की गई है। पीड़िता ने यह भी कहा है कि यदि जांच अधिकारी द्वारा पद का गलत इस्तेमाल या दबाव बनाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो। पुलिस की नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया आवेदन के माध्यम से उन्होंने एसपी से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किशनगंज के दिघलबैंक थाना क्षेत्र के गोंगामेला गांव की सिमरन खातून ने अपने परिवार के साथ मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है। पीड़िता ने एसपी को एक आवेदन दिया है। इसमें कांड संख्या 579/2026 में निष्पक्ष जांच कराने, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और वर्तमान जांच अधिकारी को बदलने की गुहार लगाई गई है। आवेदन में पीड़िता ने बताया कि 26 अगस्त की रात करीब आठ बजे उनके साथ एक घटना हुई थी। इस संबंध में दिघलबैंक थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में सहंसता बेगम, मो. अफजल, मो. हैदर समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, जिसके बाद उनका इलाज कराया गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार जानिए पूरी घटना…. पीड़िता ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी अमन राज उन पर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि जांच अधिकारी ने उन्हें धमकी भी दी है। इससे वह और उनका परिवार डर और असुरक्षा में जी रहे हैं। पीड़िता ने आशंका जताई कि इस माहौल में वह अपना पक्ष और सबूत ठीक से नहीं रख पाएंगी। इससे जांच की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। एसपी को दिए आवेदन में पीड़िता ने मांग की है कि वर्तमान जांच अधिकारी की भूमिका की किसी सीनियर अधिकारी से जांच कराई जाए। मामले को दूसरे पुलिस अधिकारी को सौंपने की मांग साथ ही, निष्पक्ष जांच के लिए यह मामला किसी दूसरे सक्षम पुलिस अधिकारी को सौंपा जाए। इसके अलावा, FIR में नामजद सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, घटनास्थल की फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को सबूत के तौर पर शामिल करने की भी मांग की गई है। पीड़िता ने यह भी कहा है कि यदि जांच अधिकारी द्वारा पद का गलत इस्तेमाल या दबाव बनाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो। पुलिस की नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया आवेदन के माध्यम से उन्होंने एसपी से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

