लालसोट। रक्षाबंधन की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब ननिहाल आए दो मासूम भाई-बहन की सर्पदंश से मौत हो गई। रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के रालावासा गांव की सिद्धया की ढाणी में 28 अगस्त की रात दोनों बच्चे एक ही चारपाई पर सोए थे। सुबह भाई हर्ष के पैर में सांप के काटने के निशान मिले। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद बहन रितिका की भी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
रक्षाबंधन पर मां के साथ ननिहाल आए थे दोनों बच्चे
परिजनों के अनुसार चाइना मीणा पत्नी आसाराम मीणा, निवासी बाटोदा, जिला सवाई माधोपुर, रक्षाबंधन के मौके पर अपने पीहर रालावासा आई थी। उसके साथ उसका 2 साल का बेटा हर्ष मीणा और 6 साल की बेटी रितिका मीणा भी ननिहाल आई थी। दोनों बच्चे परिवार के साथ खुशियां मनाने पहुंचे थे। रात में खाना खाने के बाद हर्ष और रितिका एक ही चारपाई पर सो गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि सुबह परिवार के सामने इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
सुबह चिल्लाकर उठा हर्ष
29 अगस्त की सुबह हर्ष अचानक चिल्लाकर उठा। उसकी आवाज सुनकर परिजन तुरंत उसके पास पहुंचे। बच्चे के पैर पर सांप के काटने के निशान दिखाई दिए। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन आनन-फानन में हर्ष को लालसोट जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसे आगे के इलाज के लिए लेकर जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।
भाई की मौत के बाद बहन की भी बिगड़ी तबीयत
हर्ष की मौत के बाद परिजन उसे लेकर वापस घर लौटे। इसी दौरान उसकी बहन रितिका की तबीयत भी अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक रितिका को उल्टी होने लगी थी। परिवार के लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे, लेकिन इससे पहले ही उसकी भी मौत हो गई। एक के बाद एक दोनों बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
दोनों बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों ने आसपास के इलाके में सांप की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान घटनास्थल से करीब 50 फीट दूर सूखी झाड़ियों में एक सांप दिखाई दिया।
जानें- क्या बोले एक्सपर्ट
लालसोट जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. राजकुमार सेहरा ने बताया कि सर्पदंश के बाद पीड़ित को शांत रखें और कम से कम चलाएं। काटे गए अंग को स्थिर रखें तथा अंगूठी, घड़ी, चूड़ी व अन्य कसी चीजें तुरंत हटा दें। लक्षणों का इंतजार किए बिना जल्द अस्पताल पहुंचाएं। क्षेत्र के अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। किसी प्रकार के झाड़ फूंक से बचना चाहिए। समय पर अस्पताल पहुंचने पर इलाज संभव है। कई बार देरी करना घातक साबित हो जाता है।

