‘तेजस्वी फिर से गुलछर्रे उड़ाने विदेश जाएंगे’:श्याम रजक बोले- नेता प्रतिपक्ष अपने पिता जैसा नहीं कर पाए काम, न पार्टी संभली और न परिवार

‘तेजस्वी फिर से गुलछर्रे उड़ाने विदेश जाएंगे’:श्याम रजक बोले- नेता प्रतिपक्ष अपने पिता जैसा नहीं कर पाए काम, न पार्टी संभली और न परिवार

राजद इन दिनों बैठकें और संगठन को मजबूत करने की कवायद कर रहा है। इस बीच जदयू के विधायक श्याम रजक ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर प्रतिक्रिया दी है। श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी हमेशा विदेश यात्रा करते रहते हैं। अभी एक महीने का समय लेकर बिहार आएं हैं। एक महीने में सारे काम निपटाकर फिर विदेश में गुलछर्रे उड़ाने चले जाएंगे। एक समय था जब लालू प्रसाद यादव अकेले सत्ता संभालते थे, बेटे तेजस्वी ने पार्टी का क्या हाल कर दिया है, ये सब के सामने है। न पार्टी संभाल पा रहे और न परिवार। ‘तेजस्वी की बैठकों का कोई नतीजा नहीं’ इसके अलावा श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी यादव लगातार बैठकें करते रहे, लेकिन इन बैठकों का नतीजा क्या निकला, यह सामने है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के बावजूद आज राष्ट्रीय जनता दल 25 सीटों पर आ गई है। तेजस्वी यादव क्या कह रहे हैं और क्या नहीं कह रहे हैं, इससे कोई मतलब नहीं है। उन्हें पहले अपने दल और परिवार को संभालना चाहिए।
‘तेजस्वी जैसे युवाओं को बिहार पसंद नहीं करता’ तेजस्वी यादव की ओर से युवाओं की टीम तैयार किए जाने और इससे एनडीए को संभावित नुकसान के सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी यादव जैसे युवाओं को बिहार पसंद नहीं करता। उन्होंने कहा कि हम नशे के खिलाफ है और संस्कार-राष्ट्रभक्ति की बात करते हैं। अगर तेजस्वी यादव इन मुद्दों पर खरे उतरते तो उनकी युवाओं की टीम को लेकर विचार किया जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।
राजद में 55 साल से कम उम्र वालों को जिला अध्यक्ष बनाने का फैसला दरअसल, राजद ने संगठन में युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। जिलाध्यक्ष पद के लिए उम्र की सीमा 55 साल से कम तय की गई है। साथ ही जिलाध्यक्ष बनने वाला व्यक्ति कोई चुनाव नहीं लड़ेगा। राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार से शुरू हुई जिलावार बैठकों में यह ऐलान किया। बैठक में शामिल 200 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं से तेजस्वी यादव ने जिला अध्यक्ष पद के लिए चार नाम सुझाने को कहा है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के मुताबिक जिलावार बैठक 27 सितंबर तक चलेगी। पहले दिन पटना जिला ग्रामीण और पश्चिम चंपारण के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल हुए थे। ‘माय’ समीकरण को मजबूत करने पर भी मंथन राजद में फिलहाल 55 सांगठनिक जिले हैं और सभी जिला कमेटियां भंग हैं। बांकीपुर चुनाव में ‘माय’ समीकरण में टूट के बाद पार्टी की यह पहली राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक है। बैठक में ‘माय’ समीकरण को मजबूत रखने के साथ अन्य जातियों और वर्गों को पार्टी से जोड़ने पर मंथन हो रहा है। संगठन को सक्रिय करने के लिए जिला अध्यक्षों और प्रधान महासचिवों की नियुक्ति पर भी जोर दिया जा रहा।
फरक्का जलसंधि को लेकर 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ वहीं, जेडीयू की ओर से फरक्का जलसंधि को लेकर आयोजित होने वाले ‘नीतीश संवाद’ पर भी श्याम रजक ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत 5 सितंबर से की जा रही है। इसमें बिहार में जल संकट और खासकर फरक्का बैराज से होने वाली समस्याओं पर चर्चा होगी। साथ ही सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी दी जाएगी। श्याम रजक ने कहा कि जब नई जलसंधि हो तो उसमें बिहार के हितों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। उन्होंने राजद और लालू प्रसाद यादव पर इस मुद्दे पर झूठा श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कहा कि लालू यादव के कार्यकाल में बिहार की क्या स्थिति थी, यह सभी जानते हैं। जल संकट के मुद्दे पर हमेशा नीतीश कुमार आवाज उठाते रहे हैं। राजद इन दिनों बैठकें और संगठन को मजबूत करने की कवायद कर रहा है। इस बीच जदयू के विधायक श्याम रजक ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर प्रतिक्रिया दी है। श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी हमेशा विदेश यात्रा करते रहते हैं। अभी एक महीने का समय लेकर बिहार आएं हैं। एक महीने में सारे काम निपटाकर फिर विदेश में गुलछर्रे उड़ाने चले जाएंगे। एक समय था जब लालू प्रसाद यादव अकेले सत्ता संभालते थे, बेटे तेजस्वी ने पार्टी का क्या हाल कर दिया है, ये सब के सामने है। न पार्टी संभाल पा रहे और न परिवार। ‘तेजस्वी की बैठकों का कोई नतीजा नहीं’ इसके अलावा श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी यादव लगातार बैठकें करते रहे, लेकिन इन बैठकों का नतीजा क्या निकला, यह सामने है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के बावजूद आज राष्ट्रीय जनता दल 25 सीटों पर आ गई है। तेजस्वी यादव क्या कह रहे हैं और क्या नहीं कह रहे हैं, इससे कोई मतलब नहीं है। उन्हें पहले अपने दल और परिवार को संभालना चाहिए।
‘तेजस्वी जैसे युवाओं को बिहार पसंद नहीं करता’ तेजस्वी यादव की ओर से युवाओं की टीम तैयार किए जाने और इससे एनडीए को संभावित नुकसान के सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी यादव जैसे युवाओं को बिहार पसंद नहीं करता। उन्होंने कहा कि हम नशे के खिलाफ है और संस्कार-राष्ट्रभक्ति की बात करते हैं। अगर तेजस्वी यादव इन मुद्दों पर खरे उतरते तो उनकी युवाओं की टीम को लेकर विचार किया जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।
राजद में 55 साल से कम उम्र वालों को जिला अध्यक्ष बनाने का फैसला दरअसल, राजद ने संगठन में युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। जिलाध्यक्ष पद के लिए उम्र की सीमा 55 साल से कम तय की गई है। साथ ही जिलाध्यक्ष बनने वाला व्यक्ति कोई चुनाव नहीं लड़ेगा। राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार से शुरू हुई जिलावार बैठकों में यह ऐलान किया। बैठक में शामिल 200 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं से तेजस्वी यादव ने जिला अध्यक्ष पद के लिए चार नाम सुझाने को कहा है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के मुताबिक जिलावार बैठक 27 सितंबर तक चलेगी। पहले दिन पटना जिला ग्रामीण और पश्चिम चंपारण के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल हुए थे। ‘माय’ समीकरण को मजबूत करने पर भी मंथन राजद में फिलहाल 55 सांगठनिक जिले हैं और सभी जिला कमेटियां भंग हैं। बांकीपुर चुनाव में ‘माय’ समीकरण में टूट के बाद पार्टी की यह पहली राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक है। बैठक में ‘माय’ समीकरण को मजबूत रखने के साथ अन्य जातियों और वर्गों को पार्टी से जोड़ने पर मंथन हो रहा है। संगठन को सक्रिय करने के लिए जिला अध्यक्षों और प्रधान महासचिवों की नियुक्ति पर भी जोर दिया जा रहा।
फरक्का जलसंधि को लेकर 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ वहीं, जेडीयू की ओर से फरक्का जलसंधि को लेकर आयोजित होने वाले ‘नीतीश संवाद’ पर भी श्याम रजक ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत 5 सितंबर से की जा रही है। इसमें बिहार में जल संकट और खासकर फरक्का बैराज से होने वाली समस्याओं पर चर्चा होगी। साथ ही सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी दी जाएगी। श्याम रजक ने कहा कि जब नई जलसंधि हो तो उसमें बिहार के हितों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। उन्होंने राजद और लालू प्रसाद यादव पर इस मुद्दे पर झूठा श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कहा कि लालू यादव के कार्यकाल में बिहार की क्या स्थिति थी, यह सभी जानते हैं। जल संकट के मुद्दे पर हमेशा नीतीश कुमार आवाज उठाते रहे हैं।  

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