गोंडा में घाघरा नदी एक बार फिर उफान पर है। आज मंगलवार सुबह 8:30 बजे नदी खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। विभिन्न बैराजों से 2.86 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद जिले की 28 बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में 35 सेंटीमीटर बढ़ा है। सोमवार सुबह 8:00 बजे यह खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे थी, जबकि मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक यह एक सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। गिरजा बैराज से 1,50,636 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक और सरयू बैराज से 9,105 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तरबगंज और कादरगंज तहसील क्षेत्रों में स्थित सभी 28 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है। तटीय इलाकों में अधिकारियों और कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को बढ़ते जलस्तर की जानकारी देकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और देर शाम तक इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। बाढ़ खंड विभाग को भी पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है। विभाग द्वारा दोनों तटबंधों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिसके लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में कई गांव बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। नदी के तेज बहाव के कारण तटीय इलाकों में कटान भी तेज हो गई है और तटबंधों के किनारे पानी की टोकरें पड़नी शुरू हो गई हैं। इससे 10 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से जिले में नदी का जलस्तर घटा हुआ था, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली थी। लेकिन एक बार फिर से अब नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। फिर इन ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा नाव के सारे एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ेगा। पशुओं के चारे के लिए भी ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा संकट होगा। गोंडा बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर आज सुबह से ही तेजी से बढ़ रहा है। हम लोग लगातार नजर बनाए हुए हैं तटीय इलाकों में भी अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है तटबंध पर भी हम लोग लगातार नजर रखे हुए हैं। देर शाम तक केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है क्योंकि जो पानी रात में छोड़ा गया वह धीरे-धीरे अब आ रहा है।

