अलवर नगर निगम के चुनाव में बीजेपी ने पुराने चेहरों पर खूब दांव खेला है। प्रत्याशियों की प्रोफोइल पर गौर करने पर पता चलता है कि आधी से अधिक महिला प्रत्याशियों को बीजेपी नेताओं के परिवार से होने के कारण टिकट मिला है। जैसे वार्ड 20 से पूर्व मेयर घनश्याम गुर्जर के एडवोकेट बेटे की पत्नी बीना गुर्जर को टिकट दिया है। वहीं वार्ड 7 से नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल की पत्नी सुमन अग्रवाल को मैदान में उतारा है। लगातार चार बार निर्दलीय चुनाव जीत रहे अजय पूनिया को इस बार बीजेपी ने साथ ले लिया और वार्ड 49 से टिकट दिया है। वे पूरे पांच साल सक्रिय रहते हैं। इसलिए जनता उनको हर बार जीताती है। अपूर्वा शर्मा, श्वसुर नीलेश खंडेलवाल, जाति का कार्ड खेला वार्ड 36 से बीजेपी ने अपूर्वा शर्मा को टिकट दिया है। अपूर्वा पोस्ट ग्रेजुएट हैं। अपूर्वा के पति खंडेलवाल हैं। वह खुद शर्मा है। इसलिए जाति के गणित को साधने का प्रयास किया है। ताकि दोनों जाति के वोटर को अपने पक्ष में लिया जा सके। अपूर्वा युवा हैं और अच्छी पढ़ीलिखी हैं। जनता की बाद रखना भी अच्छे से आता है। ये दोनों पूर्व चेयरमैन हैं, खुद नहीं लड़ रहे, मेयर की कुर्सी की चाह बीजेपी में बड़े नेताओं को नाराज कम किया है। उनको टिकट नहीं देकर उनके परिवार की महिला को उतारा है। पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल की पत्नी सुमन चुनाव लड़ रही है। वहीं पूर्व मेयर घनश्याम गुर्जर की पुत्रवधु को टिकट दिया है। ये बड़े नेता खुद चुनाव नहीं लड़ रहे। लेकिन मेयर की कुर्सी के कारण परिवार की महिलाओं को उतारा है।

