पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) के महासचिव जयवंत जीएच अपने एक दिवसीय बिहार दौरे के तहत नालंदा पहुंचे। हरनौत आगमन पर स्थानीय पैरा खिलाड़ियों, विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों ने फूल-माला, बुके, अंगवस्त्र (शॉल) और पौधे भेंटकर उनका जोरदार स्वागत किया। पीसीआई महासचिव के पहले बिहार दौरे को लेकर क्षेत्र के खेल जगत में खासा उत्साह देखा गया। कॉमनवेल्थ पदक विजेता झंडू कुमार के घर पहुंचे अपने दौरे के दौरान जयवंत जीएच हरनौत स्थित कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार के पैतृक आवास पहुंचे। उन्होंने झंडू कुमार और उनके माता-पिता से मुलाकात कर खिलाड़ी के शुरुआती संघर्ष, दैनिक प्रशिक्षण और अब तक की खेल उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी ली। परिजनों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि झंडू कुमार जैसे असाधारण और जुनूनी खिलाड़ी बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों में मौजूद हैं। आवश्यकता केवल इस बात की है कि ऐसी प्रतिभाओं की समय पर पहचान की जाए और उन्हें आधुनिक संसाधन, उच्चस्तरीय कोचिंग और सही मंच उपलब्ध कराया जाए। ‘दिव्यांगजनों में अपार क्षमता, खेल संगठनों और सरकार का तालमेल जरूरी’ महासचिव ने कहा कि बिहार में दिव्यांगजनों की बड़ी आबादी खेल प्रतिभाओं का एक समृद्ध आधार प्रस्तुत करती है। यदि खेल संगठन, अनुभवी प्रशिक्षक, राज्य सरकार और समाज मिलकर काम करें, तो झंडू कुमार और सुमन राणा जैसे दर्जनों पैरा एथलीट निकलकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहरा सकते हैं। उन्होंने खेलों के विकेंद्रीकरण पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभाओं को तराशने का अभियान शहरों से निकलकर गांवों तक पहुंचना चाहिए। राष्ट्रीय आयोजनों के दिए संकेत जयवंत जीएच ने विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एथलेटिक्स ग्राउंड, 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, अत्याधुनिक शूटिंग रेंज, इंडोर और आउटडोर स्टेडियम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यहां विकसित अधोसंरचना पैरा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए बेहद मुफीद है। भविष्य में पीसीआई की ओर से यहां पैरा एथलीटों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण शिविर और खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विचार किया जाएगा। आगामी एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, नालंदा की विरासत को नमन महासचिव ने आगामी 18 से 24 अक्टूबर तक जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि भारतीय पैरा दल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश के लिए रिकॉर्ड पदक जीतेगा। दौरे के अंत में उन्होंने नालंदा की ऐतिहासिक व ज्ञान की समृद्ध विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ज्ञान-विज्ञान का वैश्विक केंद्र रही इस पावन भूमि पर आना उनके लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) के महासचिव जयवंत जीएच अपने एक दिवसीय बिहार दौरे के तहत नालंदा पहुंचे। हरनौत आगमन पर स्थानीय पैरा खिलाड़ियों, विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों ने फूल-माला, बुके, अंगवस्त्र (शॉल) और पौधे भेंटकर उनका जोरदार स्वागत किया। पीसीआई महासचिव के पहले बिहार दौरे को लेकर क्षेत्र के खेल जगत में खासा उत्साह देखा गया। कॉमनवेल्थ पदक विजेता झंडू कुमार के घर पहुंचे अपने दौरे के दौरान जयवंत जीएच हरनौत स्थित कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार के पैतृक आवास पहुंचे। उन्होंने झंडू कुमार और उनके माता-पिता से मुलाकात कर खिलाड़ी के शुरुआती संघर्ष, दैनिक प्रशिक्षण और अब तक की खेल उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी ली। परिजनों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि झंडू कुमार जैसे असाधारण और जुनूनी खिलाड़ी बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों में मौजूद हैं। आवश्यकता केवल इस बात की है कि ऐसी प्रतिभाओं की समय पर पहचान की जाए और उन्हें आधुनिक संसाधन, उच्चस्तरीय कोचिंग और सही मंच उपलब्ध कराया जाए। ‘दिव्यांगजनों में अपार क्षमता, खेल संगठनों और सरकार का तालमेल जरूरी’ महासचिव ने कहा कि बिहार में दिव्यांगजनों की बड़ी आबादी खेल प्रतिभाओं का एक समृद्ध आधार प्रस्तुत करती है। यदि खेल संगठन, अनुभवी प्रशिक्षक, राज्य सरकार और समाज मिलकर काम करें, तो झंडू कुमार और सुमन राणा जैसे दर्जनों पैरा एथलीट निकलकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहरा सकते हैं। उन्होंने खेलों के विकेंद्रीकरण पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभाओं को तराशने का अभियान शहरों से निकलकर गांवों तक पहुंचना चाहिए। राष्ट्रीय आयोजनों के दिए संकेत जयवंत जीएच ने विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एथलेटिक्स ग्राउंड, 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, अत्याधुनिक शूटिंग रेंज, इंडोर और आउटडोर स्टेडियम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यहां विकसित अधोसंरचना पैरा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए बेहद मुफीद है। भविष्य में पीसीआई की ओर से यहां पैरा एथलीटों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण शिविर और खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विचार किया जाएगा। आगामी एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, नालंदा की विरासत को नमन महासचिव ने आगामी 18 से 24 अक्टूबर तक जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि भारतीय पैरा दल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश के लिए रिकॉर्ड पदक जीतेगा। दौरे के अंत में उन्होंने नालंदा की ऐतिहासिक व ज्ञान की समृद्ध विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ज्ञान-विज्ञान का वैश्विक केंद्र रही इस पावन भूमि पर आना उनके लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है।

