बस गैंगरेप-कांड का ड्राइवर एक दिन पहले दिल्ली गया था:कानपुर में पत्नी बोली- कंडक्टर ने पति को फंसाया; मां से नाराज होकर भागी थी छात्रा

बस गैंगरेप-कांड का ड्राइवर एक दिन पहले दिल्ली गया था:कानपुर में पत्नी बोली- कंडक्टर ने पति को फंसाया; मां से नाराज होकर भागी थी छात्रा

दिल्ली में चलती स्लीपर बस में यूपी के मैनपुरी की 16 साल की छात्रा से गैंगरेप किया गया। गंदा काम करने वाले भी यूपी के ही हैं। बस ड्राइवर कुलदीप शर्मा (45) कानपुर देहात के लाडपुर पैठ गांव का रहने वाला है। जबकि कंडक्टर संदीप कानपुर नगर के कटरी गांव का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों को उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर स्थित बस पार्किंग से गिरफ्तार किया है। वहीं, वारदात में इस्तेमाल बस फिरोजाबाद के विश्वनाथ टूर एंड ट्रैवल्स की है। इसके मालिक अनिल जादौन हैं। वह बताते हैं- मेरी विश्वनाथ टूर एंड ट्रेवल्स के नाम से ट्रैवल एजेंसी है। बस (UP 83 AT 3789) मेरे नाम पर है। 27 जुलाई को बस को रिपेयरिंग और सर्विस के लिए दिल्ली भेजी थी। बस के साथ ड्राइवर-कंडक्टर भी गए थे। मैंने दोनों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। ड्राइवर और कंडक्टर से जुड़ी पूरी जानकारी पुलिस को उपलब्ध करा दी है। गैंगरेप की घटना 4 अगस्त की है, लेकिन पुलिस ने 31 अगस्त को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित छात्रा ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी। ड्राइवर-कंडक्टर ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे। दैनिक भास्कर ने बस ड्राइवर कुलदीप की मां, पत्नी और बेटी से बात की। पढ़िए किसने, क्या कहा… पत्नी बोली- मेरे पति को फंसाया जा रहा कुलदीप की पत्नी अर्चना ने बताया- पति 3 अगस्त को घर से गए थे। 4 तारीख को घटना यह हुई। कुलदीप को नाजायज तरीके से फंसाया जा रहा है। कुलदीप 15 दिन भी बाहर नहीं रहते हैं। अक्सर घर लौट आते हैं। उन्हें शुगर की बीमारी है। कुलदीप काम के सिलसिले में पंजाब और दिल्ली आते-जाते रहते हैं। उनके साथ कंडक्टर भी बदलते रहते हैं। अर्चना ने कंडक्टर की भूमिका पर आशंका जताई है। कहा- संभव है उसी की वजह से मेरे पति को फंसाया गया हो। मां बोली- बेटे की कभी शिकायत नहीं मिली कुलदीप की मां श्यामा मूर्ति ने बताया- मेरे पति की दो-तीन महीने पहले मौत हो गई थी। मेरे बेटे पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पिछले 10-15 साल से मेरा बेटा गाड़ी चला रहा है, लेकिन उसके खिलाफ कभी कोई शिकायत नहीं हुई। घटना से पहले मेरा बेटा 8-10 दिन तक घर पर ही था। जिस दिन वह घर से गया, उसी दिन उसके खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया। मेरे बेटे को जानबूझकर फंसाया जा रहा है। बेटी बोली- पिता परिवार को अच्छी तरह रखते हैं कुलदीप की बेटी ने बताया- मेरे पिता परिवार को अच्छी तरह रखते हैं। लड़की से रेप के आरोप गलत हैं। मेरे पिता ऐसे नहीं हैं। बाबा की हत्या के कुछ दिन बाद ही मेरे पिता को इस मामले में फंसा दिया गया। पिता घटना से एक दिन पहले घर से गए थे। उसके बाद से हमारी उनसे कोई बातचीत नहीं हुई। लड़की के घर पर ताला लगा मिला जिस कक्षा-11 की छात्रा से गैंगरेप हुआ, वह मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसके घर में इस समय ताला लगा है। हमने उसके घर के आसपास के लोगों से बात करने की कोशिश की। लेकिन, उन लोगों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। छात्रा के पिता घटना के समय पानीपत (हरियाणा) में थे। वह वहीं रहकर काम करते हैं। जबकि मां और छात्रा गांव में ही रहते हैं। छात्रा का भाई दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। पढ़ाई को लेकर मां की डांट-पिटाई से नाराज होकर वह अपने भाई के पास जाने के लिए ही निकली थी। रूट मैप से समझिए घटना को अब घटना को सिलसिलेवार समझिए पीड़ित घर से झगड़कर निकली, गलत जगह उतरी पुलिस के मुताबिक, छात्रा परिवार में झगड़ा होने पर मां को बिना बताए मैनपुरी से दिल्ली जाने के लिए बस से निकली थी। मैनपुरी से नोएडा की दूरी 300 किमी से ज्यादा है। भारी बारिश और अंधेरे की वजहसे वह गलती से परी चौक पर उतर गई थी। फिर यहां से नोएडा जाने के लिए गाड़ी का इंतजार करने लगी। इसी बीच वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। उसने बस को रुकने का इशारा किया। ड्राइवर-कंडक्टर ने बस में बैठाया, फिर गैंगरेप किया ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को बस में बैठा लिया। बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। कश्मीरी गेट के पास छोड़कर भागे ड्राइवर-कंडक्टर दोनों ने 4 अगस्त की देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। छात्रा ने रात में ही कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बस की पहचान और उसके रूट को ट्रैक करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त किया गया। बस की फोरेंसिक जांच की गई। बस के अंदर और बाहर की 3 तस्वीरें… पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद आरोपी उसे मरम्मत के लिए सूरजपुर (नोएडा) की एक वर्कशॉप में ले गए थे। मरम्मत पूरी होने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, तभी परी चौक पर छात्रा ने रुकने का इशारा किया। पुलिस ने बताया कि दोनों ने बस के पर्दे वाले अंदरूनी हिस्से का इस्तेमाल देर रात सफर के दौरान अपराध छिपाने के लिए किया। बाहर से गुजरते लोग अंदर नहीं देख सके। 14 साल पहले दिल्ली में निर्भया कांड हुआ था, चलती बस में गैंगरेप हुआ था 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में 23 साल की युवती के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया। उसके प्राइवेट पार्ट में सरिया डाला गया था। गंभीर चोटों के चलते युवती को सिंगापुर रेफर किया गया, जहां 29 दिसंबर को अस्पताल में मौत हो गई। मामले में दिल्ली समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुआ। मीडिया में इसे निर्भया केस नाम दिया गया। मामले में 6 लोग आरोपी बनाए गए थे। एक आरोपी नाबालिग था, एक आरोपी ने जेल में सुसाइड कर लिया था। चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को मौत की सजा सुनाई गई। चारों को 20 मार्च 2020 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। ————————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली- स्कूल में नर्सरी की बच्ची का यौन शोषण, चॉकलेट का लालच देकर गलत तरीके से छुआ दिल्ली के बवाना इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में तीन साल की छात्रा के यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल में काम करने वाले कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची को चॉकलेट का लालच दिया और उसे कई बार गलत तरीके से छुआ। पूरी खबर पढ़ें…

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *