गोरखपुर पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व शिक्षा मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा ने प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के मुखिया अपने ही विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, तो पूरे प्रदेश की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उनके अनुसार मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है और जनता अब बदलाव की ओर देख रही है। पीडीए को निशाना बनाने की कोशिश पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को लेकर चल रहे चौपाल कार्यक्रम के तहत उन्होंने कहा कि सरकार इस वर्ग के लोगों पर लगातार अत्याचार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनकाउंटर, हत्या और फर्जी मुकदमों के जरिए इन समुदायों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि आगामी चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाई जा सके। संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर पर निशाना कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इन नेताओं की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण के नाम पर समाज को गुमराह किया गया और लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद अब फिर वही मुद्दे उठाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक अब समाज इन नेताओं की वास्तविकता समझ चुका है। शिक्षा व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप शिक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है। 25 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इससे गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए मीडिया पर दबाव बना रही है। भ्रष्टाचार और छात्रों के आंदोलन पर सरकार को घेरा
उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है और बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा। उन्होंने जेन जी के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। अब जेन अल्फा भी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहा है, जो सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। रवि किशन के बयान पर प्रतिक्रिया
गोरखपुर से सांसद रवि किशन के स्पेन वाले बयान पर उन्होंने कहा कि गोरखपुर की वास्तविक स्थिति यहां के लोग अच्छी तरह जानते हैं। शहर में जलभराव और गंदगी की समस्याएं यह दिखाती हैं कि जमीनी हकीकत क्या है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान केवल सुर्खियां बटोरने के लिए दिए जाते हैं।

