शेखपुरा समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में सोमवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विकास कार्यों, लंबित प्रशासनिक मामलों, जन-शिकायतों के निवारण और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को भू-स्थानांतरण से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु उपयुक्त भूमि के चिन्हीकरण का निर्देश दिया। नीलामपत्र वाद की समीक्षा करते हुए उन्होंने सख्त रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों को पुराने मामलों तथा बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। राजस्व एवं न्यायालय से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए सप्ताह में दो दिन कोर्ट आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। जन-समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए, जिला पदाधिकारी ने ‘जनसमाधान पोर्टल’, ‘सहयोग शिविर’ और ‘राज्य स्तरीय सहयोग पोर्टल’ पर प्राप्त आवेदनों पर तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, ‘विद्यार्थी पोर्टल’ पर लंबित आवेदनों का निष्पादन समयसीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से जिले के सभी वरीय अधिकारियों द्वारा दो-दो विद्यालयों को गोद लिया गया है। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों को आधार से जोड़ने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंडों में दो-दो पंचायतों को चिन्हित करने, विवाह मंडप का निर्माण कराने और मनरेगा योजना के तहत लंबित आंगनवाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सभी अंचलाधिकारियों को अतिक्रमण हटाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई के लिए अतिक्रमणवाद चलाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, सभी वरीय पदाधिकारियों को अपने स्तर से अंचल कार्यालयों का निरीक्षण कर कार्यालय अंतर्गत संचालित सभी पंजियों को अद्यतन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में आंबेडकर कल्याण छात्रावास तथा सैनिक कल्याण से संबंधित प्राप्त आवेदनों का निष्पादन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने का भी निर्देश दिया गया। गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादन कराने के लिए निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त, पेंशन, सीएम डैशबोर्ड, सीएम सचिवालय, सीपी ग्राम्स, सीएम जनता दरबार, पेट्रोल पंप आवंटन,एनओसी, जाति प्रमाण पत्र निर्गमन, सीएमओ, उच्च न्यायालय से संबंधित परिवादों, MJC तथा आयुक्त के सचिव स्तर से लंबित सभी मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निष्पादित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन के तमाम उच्चाधिकारी मौजूद रहे। शेखपुरा समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में सोमवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विकास कार्यों, लंबित प्रशासनिक मामलों, जन-शिकायतों के निवारण और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को भू-स्थानांतरण से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु उपयुक्त भूमि के चिन्हीकरण का निर्देश दिया। नीलामपत्र वाद की समीक्षा करते हुए उन्होंने सख्त रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों को पुराने मामलों तथा बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। राजस्व एवं न्यायालय से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए सप्ताह में दो दिन कोर्ट आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। जन-समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए, जिला पदाधिकारी ने ‘जनसमाधान पोर्टल’, ‘सहयोग शिविर’ और ‘राज्य स्तरीय सहयोग पोर्टल’ पर प्राप्त आवेदनों पर तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, ‘विद्यार्थी पोर्टल’ पर लंबित आवेदनों का निष्पादन समयसीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से जिले के सभी वरीय अधिकारियों द्वारा दो-दो विद्यालयों को गोद लिया गया है। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों को आधार से जोड़ने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंडों में दो-दो पंचायतों को चिन्हित करने, विवाह मंडप का निर्माण कराने और मनरेगा योजना के तहत लंबित आंगनवाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सभी अंचलाधिकारियों को अतिक्रमण हटाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई के लिए अतिक्रमणवाद चलाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, सभी वरीय पदाधिकारियों को अपने स्तर से अंचल कार्यालयों का निरीक्षण कर कार्यालय अंतर्गत संचालित सभी पंजियों को अद्यतन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में आंबेडकर कल्याण छात्रावास तथा सैनिक कल्याण से संबंधित प्राप्त आवेदनों का निष्पादन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने का भी निर्देश दिया गया। गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादन कराने के लिए निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त, पेंशन, सीएम डैशबोर्ड, सीएम सचिवालय, सीपी ग्राम्स, सीएम जनता दरबार, पेट्रोल पंप आवंटन,एनओसी, जाति प्रमाण पत्र निर्गमन, सीएमओ, उच्च न्यायालय से संबंधित परिवादों, MJC तथा आयुक्त के सचिव स्तर से लंबित सभी मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निष्पादित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन के तमाम उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

